Chandra Grahan 2026 Mantra Jaap: चंद्र ग्रहण को ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में एक खास खगोलीय घटना माना गया है। मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण की ऊर्जा में बदलाव होता है, जिसका असर व्यक्ति के मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर में लगा है। चूंकि यह ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, इसलिए देशभर में सूतक काल की मान्यता रहेगी। यह चंद्र ग्रहण शाम 6 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक शांति का प्रतीक ग्रह होता है। यदि कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, तो व्यक्ति को तनाव, नींद की समस्या, डर, चिड़चिड़ापन और फैसले लेने में कठिनाई हो सकती है। यही वजह है कि चंद्र ग्रहण के बाद चंद्रमा को मजबूत करने के उपाय करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण खत्म होते ही स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर शांत मन से मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि ग्रहण के बाद किया गया मंत्र जाप जल्दी फल देता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।।

चंद्रग्रहण के बाद जप करें ये 5 विशेष मंत्र

चंद्र बीज मंत्र

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
यह मंत्र चंद्र दोष को शांत करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

इस मंत्र का जाप भय, तनाव और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्॥

यह मंत्र बुद्धि, विवेक और सकारात्मक सोच को मजबूत करता है।

शिव पंचाक्षर मंत्र

ॐ नमः शिवाय
यह मंत्र मन को स्थिर करता है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखता है।

विष्णु मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
इस मंत्र के जाप से मानसिक शांति के साथ जीवन में संतुलन आता है।

मंत्र जाप का सही तरीका

  • मंत्र जाप शांत और एकाग्र मन से करें
  • सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनें
  • पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें
  • प्रत्येक मंत्र का कम से कम 11 या 108 बार जाप करें

क्या लाभ मिलते हैं?

मान्यता है कि इन मंत्रों के जाप से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है, मानसिक तनाव कम होता है, भावनात्मक स्थिरता आती है और जीवन में शांति का अनुभव होता है। इसके साथ ही भय, अनिद्रा और नकारात्मक विचारों से भी राहत मिलती है।

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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें