Chandra Grahan 2026: वैदिक ज्योतिष अनुसार समय- समय पर सूर्य और चंद्र ग्रहण पड़ते रहते हैं, जिसका प्रभाव मानव जीवन के साथ देश- दुनिया पर देखने को मिलता है। वहीं आपको बता दें कि ग्रहण के दौरान शुभ और सभी तरह के मांगलिक कार्य करना पूरी तरह वर्जित होता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं साल के पहले चंद्र ग्रहण के बारे में, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन लगेगा, जिस दिन होलिका दहन भी किया जाएगा। वहीं यह चंद्र ग्रहण शनि के स्वामित्व वाली राशि कुंभ में लगेगा। आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल…
4 दिन बाद बनेगा बुधादित्य राजयोग, मेष, धनु, मिथुन राशियों के जीवन में आ सकते हैं सकारात्मक बदलाव
चंद्र ग्रहण की तिथि और समय 2026 (Chandra Grahan 2026)
आपको बता दें कि सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तब चंद्र ग्रहण लगता है। वैदिक पंचांग के मुताबिक 3 मार्च 2026 को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होगा। यह ग्रहण शाम 6 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा। यह ग्रहण भारत के अलावा यूरोप, एशिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई हिस्सों में देखा जाएगा।
चंद्र ग्रहण पर सूतक काल
सूतक काल 3 मार्च को सुबह 9 बजकर 39 मिनट से शुरू हो जाएगा। आपको बता दे कि सूतक काल के दौरान किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, हवन या नए कार्य की शुरुआत करना वर्जित होता है।
चंद्र ग्रहण के जरूरी नियम
चंद्र ग्रहण और सूतक काल के समय खाना नहीं खाना चाहिए। साथ ही चंद्र ग्रहण के समय चाकू, सुई, कैची जैसी नुकीली वस्तुओं का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। साथ ही नाखून और बाल काटना भी अशुभ होता है। वहीं ग्रहण के दौरान मंदिरों में पूजा-पाठ नहीं किया जाता और घर के मंदिर के कपाट बंद रखे जाते हैं। साथ ही चंद्र ग्रहण के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
यह भी पढ़ें:
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है।
