Eclipse 2020: एक ही महीने में लगेंगे ये दो बड़े ग्रहण, भारत में भी देंगे दिखाई, जानिए क्या पड़ेगा प्रभाव

Grahan (Eclipse) 2020: ज्योतिष अनुसार भारत और विश्व के लिए 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद संवेदनशील है। इस ग्रहण को भारत समेत एशिया और दक्षिण पूर्व यूरोप में देखा जायेगा।

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जून में लगने वाले दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई देंगे। जबकि जुलाई वाला ग्रहण अमेरिका, दक्षिण पूर्व यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा।

Surya Grahan And Chandra Grahan 2020 Date: जून से जुलाई माह के बीच तीन बड़े ग्रहण लगने जा रहे हैं। जिसकी शुरुआत 5 जून से होने जा रही है। जून में एक चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण लगेगा। इसके बाद 5 जुलाई को फिर से चंद्र ग्रहण लगेगा। इससे पहले 10 जनवरी को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग चुका है। जून में लगने वाले दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई देंगे। जबकि जुलाई वाला ग्रहण अमेरिका, दक्षिण पूर्व यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा। जानिए इन तीनों ही ग्रहणों की डिटेल…

5 जून 2020 चंद्र ग्रहण: 5 जून की रात 11 बजकर 15 मिनट से चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जायेगी जिसकी समाप्ति देर रात 2:34 बजे पर होगी। ये उपच्छाया ग्रहण होगा। जिसका सूतक काल मान्य नहीं है। इसे भारत समेत अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में देखा जा सकेगा।

21 जून 2020 सूर्य ग्रहण: इस ग्रहण की शुरुआत सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर हो जायेगी जिसकी समाप्ति 2:02 पर होगी। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा। इसे भारत समेत एशिया और दक्षिण पूर्व यूरोप में देखा जायेगा।

5 जुलाई 2020 चंद्र ग्रहण: ये साल का तीसरा चंद्र ग्रहण होगा जो भारत में नहीं दिखाई देगा। इस ग्रहण की शुरुआत सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर हो जायेगी इसका अंत 11 बजकर 22 मिनट पर होगा। ग्रहण को दक्षिण पूर्व यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका में देखा जा सकेगा।

ग्रहण का प्रभाव: ज्योतिष अनुसार भारत और विश्व के लिए 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद संवेदनशील है। मिथुन राशि में होने जा रहे इस ग्रहण के समय मंगल मीन राशि में स्थित होकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहु को देखेंगे जो कि एक अशुभ संकेत है। इसी के साथ ग्रहण के समय शनि, गुरु, शुक्र और बुध अपनी वक्री चाल चल रहे होंगे। ये स्थिति पूरे विश्व में उथल पुथल मचाएगी। ग्रहण के कारण इन बड़े ग्रहों के वक्री होने से प्राकृतिक आपदाओं का खतरा ज्यादा रहेगा। जिससे जन-धन की हानि भी हो सकती है।

ग्रहण से जुड़ी मान्यताएं: ग्रहण काल के दौरान खाना-पिना, शोर मचाना या किसी भी प्रकार का शुभ कार्य जैसे पूजा-पाठ आदि करने की मनाही होती है। माना जाता है कि सूतक लगने के बाद से गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि ग्रहण काल के दौरान नकारात्मक शक्तियां प्रबल होती हैं जिसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ सकता है। ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान कर शुद्धिकरण करने की भी मान्यता है। ग्रहण काल के सूतक से पहले ही खाने की सभी चीजों में तुलसी के पत्ते रख देने चाहिए।

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