Chandra Grahan 2026:  वैज्ञानिक के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आमतौर पर ये एक खगोलीय घटना मानी जाती है, लेकिन ज्योतिष में चंद्रमा या सूर्य की स्थिति के हिसाब से इसका असर 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया में देखने को मिलता है। फरवरी माह में साल का पहला सूर्य ग्रहण लग चुका है और अब मार्च माह में साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। हिंदू परंपरा में ग्रहण काल को अशुभ समय माना गया है। यही कारण है कि यदि ग्रहण भारत में दृश्य हो, तो सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि यानी होलिका दहन के दिन पड़ रहा है।

जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूर्ण रूप से प्रवेश कर जाता है, तब कई देशों में ‘ब्लड मून’ का दुर्लभ दृश्य दिखाई देता है। यदि यह ग्रहण भारत में दिखाई देता है, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल प्रभावी रहेगा। अब प्रश्न यह है कि साल का यह पहला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य होगा या नहीं, सूतक काल कब से कब तक रहेगा…

कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण 2026? (Chandra Grahan 2026 Date And Time)

द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 मार्च, मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है। भारतीय समयानुसार साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

चन्द्रोदय – 06:26 पी एम
उपच्छाया से पहला स्पर्श – 02:16 पी एम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श – 03:21 पी एम
खग्रास प्रारम्भ – 04:35 पी एम
परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 05:04 पी एम
खग्रास समाप्त – 05:33 पी एम
प्रच्छाया से अंतिम स्पर्श – 06:46 पी एम
उपच्छाया से अंतिम स्पर्श – 07:52 पी एम

भारत में चंद्र ग्रहण दिखेगा कि नहीं (Chandra Grahan 2026 Visible In India)

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण विशेष रूप से पूर्वी भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में सबसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पूर्वी क्षेत्रों सहित कोलकाता, गुवाहाटी, ईटानगर और आइजोल जैसे शहरों में भी यह खगोलीय दृश्य बेहद आकर्षक रहेगा। वहीं दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में यह चंद्र ग्रहण आंशिक (Partial) रूप में दिखाई देगा।

चंद्र ग्रहण 2026 में सूतक काल का समय

बता दें कि ग्रहण आरंभ होने के कुछ घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस दौरान धार्मिक और शुभ कामों को करने की मनाही होती है। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में नजर आने वाला है। इसलिए करीब 9 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाएगा।  ऐसे में 3 मार्च की सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रारंभ होगा, जो ग्रहण समाप्त होने के साथ ही खत्म हो जाएगा।

चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा की स्थिति

साल के पहले चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा सिंह राशि में केतु के साथ विराजमान रहेंगे। ऐसे में ग्रहण योग का निर्माण होगा। इसके साथ ही चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ऐसे में 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया में असर देखने को मिलने वाला है।

चंद्र ग्रहण होगा ब्लड मून

साल का पहला चंद्र ग्रहण ब्लड मून होने वाला है। जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में प्रवेश कर जाता है, तो वह गहरे लाल रंग में नजर आने लगता है। इसी कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह दृश्य वास्तव में बेहद दुर्लभ और मनमोहक होता है।

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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। जनसत्ता इनकी सत्यता या प्रभावशीलता की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।