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चंद्रमा में लगा उपच्छाया ग्रहण, यहां देखिए लाइव कवरेज

चंद्र ग्रहण कब है: ग्रहण एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के लोग देख पायेंगे। हालांकि ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण सामान्य चांद और ग्रहण में अंतर कर पाना मुश्किल होगा। ग्रहण के समय चंद्रमा के आकार में कोई परिवर्तन नहीं आयेगा।

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साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को लगा था और अब दूसरा चंद्र ग्रहण 05 जून को लगने जा रहा है। जून में ही 21 तारीख को सूर्य ग्रहण भी लगेगा।  इस साल कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं। खास बात ये है कि ये दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई देंगे। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। जिसकी शुरुआत 5 जून की रात 11:16 बजे से हो जायेगी और इसकी समाप्ति 6 जून को 02:32 मिनट पर होगी। ग्रहण रात 12:54 बजे अपने अधिकतम प्रभाव में हो सकता है। उपछाया चंद्र ग्रहण बहुत अधिक प्रभावशाली नहीं होता है, इस दौरान सूतक काल भी मान्य नहीं होता है।

जनवरी में पहला चंद्र ग्रहण लगा था। इस साल कुल 6 ग्रहण लगने वाले हैं। लेकिन ज्योतिषी मानते हैं कि 1 साल में 3 से ज्यादा ग्रहण का लगना किसी भी तरह से सही नहीं होता है। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून और 14-15 दिसंबर 2020 को लगेगा। वहीं 05 जून व 05 जुलाई और 30 नवंबर 2020 को भी ग्रहण लगने वाले हैं।

ग्रहण एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के लोग देख पायेंगे। हालांकि ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण सामान्य चांद और ग्रहण में अंतर कर पाना मुश्किल होगा। ग्रहण के समय चंद्रमा के आकार में कोई परिवर्तन नहीं आयेगा। बल्कि इसकी छवि कुछ मलिन हो जायेगी। यानी चांद इस दौरान मटमैला सा दिखाई देगा। ज्योतिष अनुसार उपच्छाया चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होता। क्योंकि इसे वास्तविक ग्रहण नहीं माना गया है। ज्योतिष में उसी ग्रहण को गंभीरता से लिया जाता है जिसे खुली आंखों से देखा जा सके। 10 जनवरी को भी ऐसा ही चंद्र ग्रहण लगा था।

Chandra Grahan 2020 LIVE Updates: चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है सूतक, जानिए इस दौरान बरते जाने वाली सावधानियां

क्या होता है उपच्छाया चंद्र ग्रहण: चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है। जो तब घटित होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में स्थित रहें। तो वहीं उपच्छाया चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी की परिक्रमा करने के दौरान चंद्रमा पेनुम्ब्रा से हो कर गुजरता है। ये पृथ्वी की छाया का बाहरी भाग होता है। इस दौरान, चंद्रमा सामान्य से थोड़ा गहरा दिखाई देता है।

Chandra Grahan/Lunar Eclipse 2020 LIVE Updates: जानिए कब, कहां और कैसे देखें चंद्र ग्रहण लाइव

Live Blog

Highlights

    02:36 (IST)06 Jun 2020
    3 घंटे 18 मिनट तक दिखा चंद्र ग्रहण

    चंद्र ग्रहण 5 जून की रात 11 बजकर 15 मिनट से प्रारंभ हुआ जो 2 बजकर 34 मिनट तक देखा गया। इस उपच्छाया चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 18 मिनट तक रही। अब अगला उपच्छाया चंद्र ग्रहण 5 जुलाई को लगेगा।

    01:49 (IST)06 Jun 2020
    चंद्र ग्रहण और उपच्छाया ग्रहण में ये होता है अंतर

    चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है। जो तब घटित होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में स्थित रहें। तो वहीं उपच्छाया चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी की परिक्रमा करने के दौरान चंद्रमा पेनुम्ब्रा से हो कर गुजरता है। ये पृथ्वी की छाया का बाहरी भाग होता है। इस दौरान, चंद्रमा सामान्य से थोड़ा गहरा दिखाई देता है।

    01:18 (IST)06 Jun 2020
    क्या पूर्णिमा को भी पड़ता है चंद्र ग्रहण

    चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ता है लेकिन हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं पड़ता है। इसका कारण है कि पृथ्वी की कक्षा पर चंद्रमा की कक्षा का झुके होना। यह झुकाव तकरीबन 5 डिग्री है इसलिए हर बार चंद्रमा पृथ्वी की छाया में प्रवेश नहीं करता। उसके ऊपर या नीचे से निकल जाता है। यही बात सूर्यग्रहण के लिए भी है।

    00:41 (IST)06 Jun 2020
    क्या होता है मांद्य चंद्र ग्रहण

    एक मांद्य चंद्र ग्रहण भी होता है जो सामान्य चंद्र से अलग होता है। इस ग्रहण में पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा तीनों एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं। इसमें पृथ्वी की केवल हल्की सी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसमें चंद्रमा घटता-बढ़ता नहीं है, बल्कि सामान्य आकार का दिखाई देता है।

    00:27 (IST)06 Jun 2020
    Chandra Grahan 2020: ग्रहण की देखें तस्वीर

    Chandra Grahan 2020:

    00:08 (IST)06 Jun 2020
    ग्रहण के दौरान निषेधकार्य

    चंद्र या सूर्य ग्रहण काल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए। शादी-शुदा लोगों को इस दौरान सहवास से भी बचना चाहिए। गुरुमंत्र के जाप से कष्ट दूर होते हैं। ग्रहण को खुली आंखों से न देखें। हालांकि चंद्र ग्रहण देखने से आंखों पर कोई बुरा असर नहीं होता।

    23:46 (IST)05 Jun 2020
    Chandra Grahan 2020: ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ

    ग्रहण के समय भगवान (चंद्रमा या सूर्य) को राहु ग्रसित करता है, जिससे भगवान अत्यंत कष्ट में रहते हैं। ऐसे समय में जब कोई भक्त पूजा-पाठ करता है, तो भगवान को इससे बल मिलता है और उनका कष्ट कम होता है। विद्वानों का कहना है कि ग्रहण के दौरान जितनी आराधना की जाए, उससे कई गुणा ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। ग्रहण के समय जब आप पूजा-पाठ करते हैं, जो भगवान अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वहीं, ग्रहण के बाद दान-दक्षिणा से दोष और पाप का नाश होता है।

    23:06 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण के बाद नदी-तालाब में नहाने की परंपरा

    पुराने समय से भारतीय संस्कृति में ग्रहण के बाद नहाने की परंपरा है। माना जाता है कि ग्रहण के बाद नहाने से शुद्धिकरण हो जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद किसी तीर्थ स्थान या नदी तालाब सरोवर या घर में ही स्वच्छ पानी से स्नान करने के लिए कहा जाता है।

    22:32 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण के दौरान न करें भोजन

    ग्रहण के दौरान भोजन को नहीं खाना चाहिए। मान्यता ये भी है कि ग्रहण में लगने वाले सूतक काल में खाना बनाना भी नहीं चाहिए। ग्रहण समाप्ति के बाद ही भोजन करना चाहिए। यदि भोजन ग्रहण के दौरान बना हुआ है तो उसे फेंकना नहीं चाहिए, बल्कि ग्रहण के पश्चात् उसमें तुलसी के पत्ते डालकर उसे शुद्ध करके ग्रहण करना चाहिए।

    22:18 (IST)05 Jun 2020
    क्या होता है मांद्य चंद्र ग्रहण

    मांद्य चंद्र ग्रहण सामान्य चंद्र से भिन्न होता है। इसमें पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा ये तीनों एक सीधी रेखा में नहीं होते हैं। बल्कि ऐसी स्थिति में होते हैं जहां से पृथ्वी की केवल हल्की सी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसमें चंद्रमा घटता-बढ़ता नहीं है, बल्कि सामान्य आकार का दिखाई देता है।

    21:56 (IST)05 Jun 2020
    नहीं माना जाता वास्तविक चंद्र ग्रहण

    पेनुमब्रल को उपच्छाया चंद्र ग्रहण भी कहते हैं। जो उस स्थिति में बनता है जब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर केवल उसकी उपच्छाया मात्र पड़ती है। ऐसा तब होता है जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपच्छाया से ही वापस लौट जाता है। वास्तविक चंद्र ग्रहण की तरह इस उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चांद के आकार पर कोई असर नहीं पड़ता और ना ही चंद्रमा का कोई भाग ग्रस्त होता दिखाई देता है। लेकिन चंद्रमा पर एक धुंधली सी छाया नजर आती है। ये ग्रहण विशेष तरह के उपकरणों से ही आसानी से समझा जा सकता है।

    21:30 (IST)05 Jun 2020
    क्या चंद्र ग्रहण देखना सुरक्षित है

    वैज्ञानिकों के अनुसार, इस ग्रहण को देखने के लिए किसी तरह के खास चश्मे की जरूरत नहीं है। आप नंगी आंखों से भी ये चंद्र ग्रहण देख सकते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से ये पूरी तरह सुरक्षित है।

    21:06 (IST)05 Jun 2020
    चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय

    ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा करें। जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें। अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करें। मंत्र जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों का असर नहीं पड़ेगा।

    20:45 (IST)05 Jun 2020
    ये है चंद्र ग्रहण का समय

    चंद्र ग्रहण का प्रारंभ – 5 जून की रात को 11 बजकर 15 मिनट से

    परमग्रास चन्द्र ग्रहण – 6 जून को दिन के 12 बजकर 54 मिनट पर

    उपछाया चंद्र ग्रहण से अन्तिम स्पर्श – 2 बजकर 34 मिनट पर

    चंद्र ग्रहण का कुल समय – 3 घंटे और 18 मिनट

    20:26 (IST)05 Jun 2020
    कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

    यह चंद्र ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अफ्रीका में दिखाई देगा। यह एक पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण होगा जिसमें आमतौर पर एक पूर्ण चंद्रम से अंतर करना मुश्किल होता है। इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट होगी। चंद्र ग्रहण 5 जून को रात 11:15 बजे से शुरू होगा। रात 12:54 बजे सबसे ज्यादा असर दिखाई देगा और 06 जून 02:34 बजे समाप्त हो जाएगा।

    20:04 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण काल में इस बात का रखें ख्याल

    ग्रहण काल में स्पर्श किए हुए वस्त्र आदि की शुद्धि के लिए उसे बाद में धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए। सूर्य या चन्द्र ग्रहण पूरा होने पर उसका शुद्ध बिम्ब देखकर ही भोजन करना चाहिए।

    19:35 (IST)05 Jun 2020
    ये है जरूरी...

    चंद्रमा मन का कारक है इस लिए जब ये ग्रसित होता है तो लोगों के मन में नकारात्मक विचार जरूर आते हैं। ग्रहणकाल के दौरान हर किसी को अपने चंद्रमा को बलवान करके की कोशिश जरूर करनी चाहिए। इससे मन पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं आ पाएगा। अपने आपको शुद्ध और पवित्र बनाए रखें। ग्रहणकाल के दौरान अपना और छोटे बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें।

    19:10 (IST)05 Jun 2020
    पेनुमब्रल चंद्रग्रहण क्या है

    पेनुमब्रल को उपच्छाया चंद्र ग्रहण भी कहते हैं। जो उस स्थिति में बनता है जब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर केवल उसकी उपच्छाया मात्र पड़ती है। ऐसा तब होता है जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपच्छाया से ही वापस लौट जाता है। वास्तविक चंद्र ग्रहण की तरह इस उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चांद के आकार पर कोई असर नहीं पड़ता और ना ही चंद्रमा का कोई भाग ग्रस्त होता दिखाई देता है। लेकिन चंद्रमा पर एक धुंधली सी छाया नजर आती है। ये ग्रहण विशेष तरह के उपकरणों से ही आसानी से समझा जा सकता है।

    18:45 (IST)05 Jun 2020
    Chandra Grahan 2020: ये होता है महत्व

    भगवान वेदव्यास जी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्य ग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है।

    18:19 (IST)05 Jun 2020
    छोटे बच्चों का रखें खास ख्याल

    ग्रहणकाल के दौरान अपना और छोटे बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें। चंद्रमा मन का कारक है इस लिए जब ये ग्रसित होता है तो लोगों के मन में नकारात्मक विचार जरूर आते हैं। ग्रहणकाल के दौरान हर किसी को अपने चंद्रमा को बलवान करके की कोशिश जरूर करनी चाहिए। इससे मन पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं आ पाएगा। अपने आपको शुद्ध और पवित्र बनाए रखें।

    18:09 (IST)05 Jun 2020
    कैसे देखें ग्रहण

    चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है इसलिए आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं। अगर आप टेलिस्‍कोप की मदद से चंद्र ग्रहण देखेंगे तो आपको बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देगा। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण है जो कि खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों (सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस) से ही सही से देखा जा सकेगा।

    17:16 (IST)05 Jun 2020
    क्या कहता है आयुर्वेद

    आयुर्वेद की दृष्टि से, ग्रहण से दो घंटे पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन खाने की सलाह दी जाती है. ग्रहण के दौरान कुछ भी न खाएं और न ही पीएं.

    16:50 (IST)05 Jun 2020
    इसलिए चांद दिखेगा धुंधला

    यह चंद्रग्रहण ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर लगेगा और यह उपछाया ग्रहण होगा। ग्रहण 5 जून की रात को 11 बजकर 15 मिनट से लगना आरंभ होगा जो अगले दिन रात के 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा वृश्चिक राशि में भ्रमण करेगा। उपछाया में पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं होता है इसमें चंद्रमा सिर्फ धुंधला दिखाई पड़ता है इस कारण से इसको चंद्र मालिन्य भी कहा जाता हैं। इसलिए इस चंद्रग्रहण को उपछाया चंद्रग्रहण कहते हैं।

    16:24 (IST)05 Jun 2020
    गर्भवती महिलाएं रखें खास ख्याल

    गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी महिलाओं को चंद्र ग्रहण नहीं देखना चाहिए। चंद्र ग्रहण देखने से शिशु पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय कैंची, चाकू आदि से कोई वस्तु नहीं काटनी चाहिए।

    15:57 (IST)05 Jun 2020
    Chandra Grahan 2020: ये काम करने से बचें

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दिन बहुत से काम करना मना है। अगर कोई व्यक्ति उन नियमों को तोड़ता है, तो उससे उसका जीवन प्रभावित होता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में भगवान की मूर्ति स्पर्श नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा, सूतक काल ग्रहण लगने पहले ही शुरू हो जाता है. इस समय खाने पीने की मनाही होती है। ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए। इसके अलावा न तो कुछ खाना चाहिए और न ही खाना बनाना चाहिए।

    15:31 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहणकाल के दौरान ये है जरूरी

    चंद्रमा मन का कारक है इस लिए जब ये ग्रसित होता है तो लोगों के मन में नकारात्मक विचार जरूर आते हैं। ग्रहणकाल के दौरान हर किसी को अपने चंद्रमा को बलवान करके की कोशिश जरूर करनी चाहिए। इससे मन पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव नहीं आ पाएगा। अपने आपको शुद्ध और पवित्र बनाए रखें। ग्रहणकाल के दौरान अपना और छोटे बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें।

    15:00 (IST)05 Jun 2020
    चंद्र ग्रहण क्यों होता है?

    चंद्र ग्रहण एक खगोलीय स्थिति है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है और जब चंद्रमा धरती की छाया से निकलता है तो चंद्र ग्रहण पड़ता है. जब पृथ्वी सूर्य की किरणों को पूरी तरह से रोक लेती है तो उसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं लेकिन जब चंद्रमा का सिर्फ एक भाग छिपता है तो उसे आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं.

    14:23 (IST)05 Jun 2020
    आज रात में आप ऐसे देख सकेंगे चंद्र ग्रहण...

    चंद्र ग्रहण देखना पूरी तरह से सुरक्षित होता है, इसलिए आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं. ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण है जो कि खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों (सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस) से ही सही से देखा जा सकेगा. अगर आप टेलिस्‍कोप की मदद से चंद्र ग्रहण देखेंगे तो आपको बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देगा. साथ ही आप यूट्यूब पर कई चैनलों के माध्यम से भी इस ग्रहण का लाइव नजारा देख पाएंगे...

    14:08 (IST)05 Jun 2020
    क्या होता है पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण: 

    पेनुमब्रल को उपच्छाया चंद्र ग्रहण भी कहते हैं। जो उस स्थिति में बनता है जब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर केवल उसकी उपच्छाया मात्र पड़ती है। ऐसा तब होता है जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपच्छाया से ही वापस लौट जाता है। वास्तविक चंद्र ग्रहण की तरह इस उपच्छाया चंद्र ग्रहण में चांद के आकार पर कोई असर नहीं पड़ता और ना ही चंद्रमा का कोई भाग ग्रस्त होता दिखाई देता है। लेकिन चंद्रमा पर एक धुंधली सी छाया नजर आती है। ये ग्रहण विशेष तरह के उपकरणों से ही आसानी से समझा जा सकता है।

    13:30 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण लगने से पहले कर लें ये काम (What We Do Before Lunar Eclipse):

    ग्रहण काल के समय भोजन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये शरीर के लिए नुकसानदायक माना गया है। घर में पके हुए भोजन में सूतक काल लगने से पहले ही तुलसी के पत्ते डालकर रख देने चाहिए। इससे भोजन दूषित नहीं होता।

    13:11 (IST)05 Jun 2020
    Eclipse 2020: 30 दिन के अंदर लगने वाले सभी ग्रहण

    पहला ग्रहण 5/6 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण यूरोप, भारत सहित एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा।दूसरा ग्रहण 21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत सहित एशिया के कई दूसरे राज्यों, यूरोप और अफ्रीका में भी दिखेगा।वहीं तीसरा 4/5 जुलाई को लगने जा रहा चंद्र ग्रहण अफ्रीका और अमेरिका में नजर आएगा।

    12:34 (IST)05 Jun 2020
    Lunar Eclipse 2020 Live Streaming: चंद्र ग्रहण लाइव

    कई यूट्यूब चैनल ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग करते हैं. स्लूह (Slooh) और वर्चुअल टेलिस्कोप (Virtual Telescope) चैनल इस घटना को लाइव स्ट्रीम करते हैं. आप यहां जाकर लाइव देख सकते हैं.

    12:05 (IST)05 Jun 2020
    चंद्र ग्रहण का सभी राशियों पर असर (Chandra Grahan Effect on Zodiac Signs)

    ज्योतिर्विदों का कहना है कि इस ग्रहण काल का असर मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, तुला, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों पर सबसे ज्यादा होगा. जानिए सभी राशियों पर चंद्र ग्रहण का कैसा रहेगा प्रभाव

    11:33 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय (Precaution During Eclipse):

    चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए आपको चंद्र ग्रह के बीज मंत्र ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का 108 बार जाप करना चाहिए। इसके अलावा चंद्र ग्रहण के पश्चात चावल और सफेद तिल का दान करें और अपने से बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें। 

    11:13 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण के दौरान खाना पीना सेहत के लिए नहीं माना गया है अच्छा

    आयुर्वेद की दृष्टि से, ग्रहण से दो घंटे पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन खाने की सलाह दी जाती है. ग्रहण के दौरान कुछ भी न खाएं और न ही पीएं.

    10:39 (IST)05 Jun 2020
    ज्येष्ठ पूर्णिमा पर लगने जा रहा है उपच्छाया चंद्र ग्रहण...

    उपच्छाया के कारण सामान्‍य तौर पर दिखने वाले चांद और ग्रहण के दौरान दिख रहे चांद में बहुत अंतर या फर्क नहीं दिखेगा। ग्रहण के दौरान चांद के आकार में बहुत परिवर्तन नहीं दिखेगा, बल्कि चांद के रंग में अंतर नजर जरूर आएगा। इसकी छवि मलिन होने के साथ ही चांद मटमैला दिखेगा।

    10:11 (IST)05 Jun 2020
    क्या खुली आंखों से ग्रहण देख सकते हैं? (Is lunar eclipse safe to watch)

    एक्सपर्ट्स का मानना है कि चंद्र ग्रहण के दौरान या चंद्र ग्रहण को सीधे तौर पर देखना, आपकी आंखों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाता. जबकि, सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखने पर यह आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है.हमेशा सूर्यग्रहण को खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों से देखें. इन्हें सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस कहा जाता है. 

    09:42 (IST)05 Jun 2020
    क्या है ग्रहण का सूतक काल? 

    इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। क्योंकि ये एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण है। ज्योतिष अनुसार इसे ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता। जिस कारण न तो ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा और न ही किसी भी तरह के काम करने में कोई पाबंदी होगी।

    09:07 (IST)05 Jun 2020
    ये साल का दूसरा penumbral lunar eclipse है?

    इससे पहले 10 जनवरी को ऐसा ग्रहण लगा था। और आने वाले समय में 5 जुलाई और 30 नवंबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण भी ऐसे ही होंगे। यानी इस साल लगने वाले सभी चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण हैं। 5 जुलाई को लगने वाला ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। 

    08:47 (IST)05 Jun 2020
    जून फुल मून को स्ट्रॉबैरी मून भी कहा जाता है

    Space.com की रिपोर्ट के अनुसार, जून का फुल मून 5 और 6 जून को पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण के साथ आ रहा है। यह भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से दिखाई देगा, हालांकि, उत्तरी अमेरिका और अधिकांश दक्षिण अमेरिका इसे नहीं देख पाएंगे। जून में आने वाले फुल मून का नाम स्ट्रॉबेरी मून भी होता है, क्योंकि यह यूएस के कुछ हिस्से में स्ट्रॉबेरी की कटाई के मौसम के समय आता है।

    08:24 (IST)05 Jun 2020
    Lunar Eclipse Effects Scorpio People: चंद्र ग्रहण का वृश्चिक वालों पर पड़ेगा प्रभाव...

    इस बार का चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. शास्त्रों में उपछाया चंद्र ग्रहण को ग्रहण नहीं माना जाता है. इसलिए इस दिन कोई भी कार्य करने पर प्रतिबंध नहीं होगा. इस ग्रहण में चंद्रमा वृश्चिक राशि में ज्येष्ठ नक्षत्र में लगने वाला है. वृश्चिक राशि के लोगों को चंद्र ग्रहण के समय सावधान रहने की जरूरत है.

    08:04 (IST)05 Jun 2020
    Chandra Grahan Effects: चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा पर करें ये उपाय

    ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा करें। जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें। अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करें। मंत्र जाप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों का असर नहीं पड़ेगा।

    07:37 (IST)05 Jun 2020
    Chandra Grahan Today 5 June 2020: भारत के अलावा इन देशों में भी दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

    चंद्र ग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकेगा। इसके अलावा अधिकांश एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, साउथ अमेरिका के देशों समेत प्रशांत महासागर, अटलांटिक व हिन्द महासागर और अंटार्टिका में देखा जा सकेगा।

    07:15 (IST)05 Jun 2020
    Lunar Eclipse 2020: कैसे होता है मांद्य चंद्र ग्रहण

    जब चंद्र, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी लाइन में आ जाते हैं, तब पृथ्वी की छाया चंद्र पर पड़ती है। सूर्य की रोशनी सीधे चंद्र तक नहीं पहुंच पाती है। इसी स्थिति को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। जबकि मांद्य चंद्र ग्रहण में चंद्र, पृथ्वी और सूर्य एक सीधी लाइन में नहीं रहते हैं। इस दौरान ये तीनों ग्रह एक ऐसी लाइन में रहते हैं, जहां से पृथ्वी की सिर्फ हल्की सी छाया चंद्र पर पड़ती है। चंद्र घटता-बढ़ता नहीं दिखता है, इसे मांद्य चंद्र ग्रहण कहा जाता है।

    06:46 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण में दान- पुण्य का विशेष महत्व है

    ज्‍योतिष की मानें तो पुरातलन काल में ग्रहण के समय याचक लोग शोर मचाते, ढोल बजाते और दैत्यों की भर्त्सना में जोर-जोर से अपशब्द कहते सुने जाते थे। धार्मिक लोग उस समय विशेष रूप से जप-तप और दान-पुण्य करते थे।

    05:55 (IST)05 Jun 2020
    ग्रहण में ना करें ये चीजें

    तेल मालिश करना, जल ग्रहण करना, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कन्घा करना, मञ्जन-दातुन करना तथा यौन गतिविधियों में लिप्त होना ग्रहण काल में प्रतिबन्धित माना जाता है।

    05:14 (IST)05 Jun 2020
    सूतक काल के दौरान इन चीजों के खाने पर है मनाही

    ग्रहण एवं सूतक के दौरान समस्त प्रकार के ठोस एवं तरल खाद्य पदार्थों के सेवन की मनाही है।  सूर्य ग्रहण से बारह घण्टे तथा चन्द्र ग्रहण से नौ घण्टे पूर्व से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक भोजन नहीं करना चाहिए। यद्यपि बालकों, रोगियों तथा वृद्धों के लिये भोजन मात्र एक प्रहर अथार्त तीन घण्टे के लिये ही वर्जित है।

    04:20 (IST)05 Jun 2020
    भारत के अलावा इन देशों में दिखेगा चंद्र ग्रहण

    05 जून की रात्रि को लगने वाला चंद्र ग्रहण 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होगा जो 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ये उपच्छाया ग्रहण होगा. ये ग्रहण भारत, यूरोप, अफ्रीक, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देग. उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण सूतक काल का प्रभाव कम रहेगा।

    02:54 (IST)05 Jun 2020
    चंद्र ग्रहण से संबंधित ये जरूरी बातें जान लें

    ग्रहण से कई धार्मिक पहलूं जुड़े हुए हैं। ग्रहण के दौरान कर्मकांड का भी प्रावधान है। यदि चन्द्र ग्रहण आपके शहर में दिखाई ना दे रहा हो लेकिन दूसरे देशों अथवा शहरों में दर्शनीय हो तो कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है। लेकिन यदि मौसम की वजह से चन्द्र ग्रहण दर्शनीय न हो तो ऐसी स्थिति में चन्द्र ग्रहण के सूतक का अनुसरण किया जाता है और ग्रहण से सम्बन्धित सभी सावधानियों का पालन किया जाता है।

    02:11 (IST)05 Jun 2020
    उपच्छाया चंद्र ग्रहण का पंचांग में समावेश नहीं होता

    चंद्रग्रहण को हिन्दू धर्म में एक धार्मिक घटना के रूप में देखा जाता है जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। जो चन्द्र ग्रहण नग्न आंखों से स्पष्ट तौर पर नहीं देख सकते उस चन्द्र ग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होता है। मात्र उपच्छाया वाले चन्द्रग्रहण नग्न आंखों से दृष्टिगत नहीं होते हैं इसीलिए उनका पंचांग में समावेश नहीं होता है। और कोई भी ग्रहण से सम्बन्धित कर्मकाण्ड नहीं किया जाता है।

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