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Chandra Grahan 2018 Date: जानिए कब है चद्रंग्रहण और क्यों कहा जा रहा है इसे ‘ब्लड मून’

Chandra Grahan 2018 Dates and Time in India in Hindi, Lunar Eclipse 2018 Date and Timings Timings in India, Blood Moon 2018 Dates and Time in India: देश-विदेश में खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए यह स्वर्णिम अवसर होगा क्योंकि ग्रहण को लगभग पूरी रात देखा जा सकता है।

Author नई दिल्ली | July 5, 2018 3:48 PM
Chandra Grahan 2018 Dates and Time in India: खगोलीय घटना में इस खास चंद्रग्रहण को ‘ब्लड मून’ का नाम दिया गया है।

Chandra Grahan 2018 Dates and Time in India in Hindi, Lunar Eclipse 2018 Date and Timings Timings in India, Blood Moon 2018 Dates and Time in India: जुलाई महीने लगने वाले चंद्रग्रहण की इस वक्त हर तरफ चर्चा हो रही है। इस चंद्रग्रहण को बहुत ही खास बताया जा रहा है। यदि आपने अब तक इस बारे में ना सुना हो तो हम आपको इस खास चंद्रग्रहण की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इसे सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण बताया जा रहा है। इस चंद्रग्रहण को भारत समेत दुनिया के अन्य कई हिस्सों में भी देखा जा सकता है। यह चंद्रग्रहण 27 जुलाई को लग रहा है। एमपी बिरला प्लेनेटेरियम के निदेशक देवीप्रसाद दुआरी ने मीडिया को बताया, “भारत में दर्शक खुशकिस्मत हैं क्योंकि आंशिक और पूर्ण दोनों ग्रहण देश के सभी हिस्सों से पूरी तरह से देखा जा सकेगा।”

देवीप्रसाद दुआरी ने का कहना है कि आंशिक चंद्र ग्रहण 27 जुलाई को भारतीय समयानुसार रात 11 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और पूर्ण चंद्र ग्रहण 28 जुलाई को तड़के एक बजे शुरू होगा। उन्होंने कहा कि चंद्रमा 28 जुलाई को तड़के 1 बज कर 52 मिनट से 2 बज कर 43 मिनट तक सबसे ज्यादा अंधकार में रहेगा। इस अवधि के बाद 28 जुलाई को तड़के 3 बजकर 49 मिनट तक आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा। हमारे देश में खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए यह स्वर्णिम अवसर होगा क्योंकि ग्रहण को लगभग पूरी रात देखा जा सकता है।

 

मालूम हो कि खगोलीय घटना में इस खास चंद्रग्रहण को ‘ब्लड मून’ का नाम दिया गया है। ऐसा चंद्रमा के लाल रंग का दिखाई देने की वजह से है। दरअसल, पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा जब धरती की छाया में रहता है तो इसकी आभा रक्तिम(लाल) हो जाती है जिसे ब्लड मून (लाल चांद) कहा जाता है। ऐसा उस समय होता है जब चांद पूरी तरह से धरती की आभा में ढक जाता है। ऐसे में भी सूरज की ‘लाल’ किरणें ‘स्कैटर’ होकर चंद्रमा तक जाती हैं। जानकारों के अनुसार इस ब्लड मून को नंगी आखों से भी देखा जा सकता है।

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