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चाणक्य नीति: सफलता पाना चाहते हैं तो सिर्फ इन 5 बातों का रखें ध्यान

Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में जाने जाते हैं। इन्होंने मानव समाज के कल्याण से संबंधित कई नीतियां बताई हैं।

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा इस बात का भान होना चाहिए कि समय कैसा चल रहा है।

Chanakya Niti About Success: आचार्य चाणक्य ने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर एक साधारण से बालक चंद्रगुप्त को सम्राट बना दिया। चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में जाने जाते हैं। आज भी चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत और नीतियां ‍प्रासंगिक हैं। चाणक्य ने मानव समाज के कल्याण से संबंधित कई ऐसी नीतियां बताई हैं जिनका अनुसरण करने से जीवन की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। यहां आप जानेंगे चाणक्य ने सफलता के लिए कौन से 5 सूत्र बताए हैं।

पहली नीति: आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा इस बात का भान होना चाहिए कि समय कैसा चल रहा है। अपनी वर्तमान स्थिति को देखकर ही किसी बात का निर्णय लेना चाहिए। ध्यान रखें कि सुख के दिन हैं तो अच्छा काम करते रहें और यदि दुःख के दिन हैं तो अच्छे काम करते हुए धैर्य बनाये रखें। अगर दुःख के दिनों में अपना धैर्य खो देंगे जीवन निरर्थक हो सकता है।

दूसरी नीति: व्यक्ति के अंदर सही लोगों का पहचानने का गुण होना चाहिए। जैसे अपने मित्र और मित्र के वेश में छिपे शत्रु की आपको पहचान होनी चाहिए। हम शत्रुओं से तो सावधान होकर कार्य करते हैं लेकिन कई बार मित्र वेश में छुपे शत्रु को नहीं पहचान पाते। एक सच्चा मित्र ही आपको सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम कर सकता है। वहीं अगर मित्र के वेश में छिपे शत्रु से आप मदद मांगते हैं तो आपकी मेहनत बेकार हो सकती है। (यह भी पढ़ें- ओपल रत्न आर्थिक और दाम्पत्य जीवन की परेशानियां करता है दूर, जानिए किन राशि वालों को करता है सूट)

तीसरी नीति: व्यक्ति जहां भी काम कर रहा है उस जगह, वहां के हालात और अपने सहकर्मी आदि के विषय में उसे पूरी जानकारी रखनी चाहिये। कार्यस्थल के सहकर्मियों की मानसिकता की परख होनी चाहिये। इन चीजों का ध्यान रखेंगे तो सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। (यह भी पढ़ें- इस मूलांक वालों के पास खूब होती है जमीन जायदाद, एक से अधिक प्रेम संबंध बनने की रहती है संभावना)

चौथी नीति: जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आय और व्यय की सही-सही जानकारी होनी चाहिए। कभी भी आवेश में आकर आय से अधिक पैसा खर्च नहीं करना चाहिए। थोड़ा-थोड़ा हो सही पर अपने आय से धन को संचित करना चाहिए।

पांचवी नीति: व्यक्ति को अपने सामर्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। यानी उसे इस बात का पता होना चाहिए कि वो जो काम करने जा रहा है क्या उसे करने में वो सक्षम है। क्योंकि सामर्थ्य से अधिक कार्य लेने पर असफलता की संभावना बढ़ जाती है।

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