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चाणक्य नीति: हर काम में सफलता पाने के लिए इन 15 बातों का रखना चाहिए हर वक्त ध्यान

मनुष्य को आग, पानी, मूर्ख, औरत सांप और राज परिवार के सदस्यों के साथ बहुत सावधानी से पेश आना चाहिए। क्योंकि ये इंसान को एक झटके में खत्म कर सकते हैं।

Author नई दिल्ली | July 1, 2019 8:49 AM
आचार्य चाणक्य

सफलता पाने के लिए इंसान बहुत कुछ करता है। अधिक मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति कुछ कार्यों में सफल हो जाता है। वहीं बहुत सारे बहुत सारे कामों में इंसान को असफता हाथ लगती है। जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में कुछ बातें बताई है। चाणक्य नीति के मुताबिक इन कामों को करने से मनुष्य हर काम में सफलता प्राप्त कर सकता है। आगे चाणक्य नीति के अनुसार जानते हैं वो 15 बातें जिसे हर वक्त ध्यान रखना चाहिए।

1. चाणक्य नीति के 14वें अध्याय में चाणक्य लिखते हैं कि दुख, गरीबी और एक बंदी का जीवन ये सब मनुष्य के किए हुए पापों का ही फल है। इंसान दौलत, मित्र, पत्नी और राज्य को खोकर वापस पा सकता है। परंतु यदि शरीर गवा देता है तो उसे वापस नहीं मिलता।

2. यदि इंसान बड़ी संख्या में एकजुट हो जाता है तो वह दुश्मन को हारा सकता है। यह उसी प्रकार जैसे घास के तिनके एक-दूसरे के साथ रहते हुए भारी बारिश में भी नष्ट नहीं होते।

3. पानी पर तेल, एक दुष्ट आदमी को बताया हुआ राज, एक लायक व्यक्ति को दिया हुआ दान और एक बुद्धिमान व्यक्ति को पढ़ाया हुआ शास्त्रों का ज्ञान अपने स्वभाव के कारण तेजी से फैलते हैं।

4. मनुष्य जब धर्म के उपदेश को सुनता है, जब शमशान घाट में होता है और जब वह बीमार होता है। और ऐसे में यदि वह अपने मन की अवस्था को कायम रखता है तो मुक्ति पा सकता है।

5. ऐसा व्यक्ति पूर्णता ही हासिल नहीं कर सकता है जो पश्चताप के समय बनी मन की अवस्था को काम के समय भी कायम रखता है।

6. इंसान को परोपकार, आत्मसंयम और पराक्रम, विनम्रता और शास्त्र का ज्ञान हासिल करते अभिमान नहीं होना चाहिए। यह इसलिए क्योंकि दुनिया बहुत कम दिखाई देने वाले दुर्लभ रत्नों से भरे हुए हैं।

7. वह व्यक्ति जो इंसान के पास नजदीक नहीं है हो सकता है वह वास्तव में उससे दूर हो। परंतु जो मनुष्य के नजदीक है और उसके मन में नहीं है तो वह इंसान से बहुत दूर है।

8. यदि मनुष्य किसी से कुछ पाना चाहता है तो उसे वैसे शब्द बोलने चाहिए जिससे वह खुश हो जाए। ठीक उसी प्रकार जैसे एक शिकारी हिरण पर बाण चलाने के लिए मधुर गीत गाता है।

9. जो इंसान राजा, गुरु, अग्नि, धर्म गुरु और स्त्री से बहुत अधिक परिचय बढ़ाता है वह विनाश को प्राप्त होता है। साथ ही जो इसमें खुद को रमा हुआ पाता है उसे अपना भला करने का अवसर नहीं मिलता है। इसलिए इनसे सुरक्षित अंतर रखकर संबंध बनाना चाहिए।

10. मनुष्य को आग, पानी, मूर्ख, औरत सांप और राज परिवार के सदस्यों के साथ बहुत सावधानी से पेश आना चाहिए। क्योंकि ये इंसान को एक झटके में खत्म कर सकते हैं।

11. वही इंसान जीवित है जो गुणवान और पुण्यवान है। परंतु जिसके पास धर्म और गुण नहीं है उसे क्या शुभ कामना दी जा सकती है।

12. अगर इंसान को एक कम करके जीतना चाहता है तो उसे पांच इंद्रियों के विषय यानि जो दिखाई देता है, जो सुनाई देता है, जिसकी सुगंध आती है, जो सुनाई देता है और जो जिसका स्पर्श होता है उस पर काबू करना चाहिए। साथ ही पांच इंद्रिय जैसे आंख, नाक, कान, जीभ और त्वचा पर नियंत्रण रहना चाहिए। इसके अलावा पांच कर्मेन्द्रिय जैसे हाथ, पांव, मुंह, जननेन्द्रिय और गुदा पर भी नियंत्रण रखना चाहिए।

13. पंडित वही है जो प्रसंग के अनुरूप अपनी बात कहता है। साथ ही जो अपनी शक्ति के अनुरूप दूसरों की सेवा प्रेम से करता है। इसके अलावा जिसे अपने गुस्से की मर्यादा का पता है।

14. योग्यता के अनुरूप एक ही चीज अगल-अलग रूपों में दिखती है। तप करने वाले को वस्तु को देखकर कामना नहीं जगती है। लंपट आदमी को हर वस्तु में स्त्री ही दिखती है। साथ ही कुत्ते को हर वस्तु में मांस ही दिखता है।

15. बुद्धिमान व्यक्ति को ये बातें किसी को नहीं बतानी चाहिए। जैसे वह औषधि जो उसने बनाई है और वह अच्छा काम कर रहा है। जो परोपकार उसने किया है। अपने घर के झगड़े। पत्नी के साथ हुई गुप्त बातें। वह खना जिसे उसने खाया और जो ठीक से पका हुआ नहीं था। साथ ही जो गलतियां उसने सुनी।

 

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