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Chanakya Niti: इन 4 बातों का रखेंगे ध्यान, तो हमेशा शुत्रओं पर पाएंगे विजय, जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति

आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को कभी भी अपनी रणनीति किसी से शेयर नहीं करनी चाहिए। वरना उसको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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इन बातों में छिपा है शत्रु को हराने का रहस्य, जानिये क्या कहती है चाणक्य नीति

Chanakya Neeti: महान अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य ने एक नीति शास्त्र की रचना की है, जिसमें उन्होंने धन, संपत्ति, स्त्री, दोस्त, करियर और दांपत्य जीवन से जुड़ी कई बातों का गहराई से जिक्र किया है। चाणक्य जी ने अपनी नीतियों से हमेशा समाज का मार्गदर्शन किया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आचार्य चाणक्य की नीतियों का अनुसरण करता है, वह अपने जीवन में खूब तरक्की हासिल करता है।

चाणक्य जी ने अपने नीति शास्त्र में शत्रुओं को पराजित करने के कुछ गुण बताएं हैं। अगर व्यक्ति में ये गुण होते हैं तो वह बड़े-से-बड़े शत्रु पर भी विजय पा लेता है। जानिये कौन-से हैं वह गुण…

अपनी रणनीति किसी से नहीं करें शेयर:

आचार्य चाणक्य का मानना है कि जो व्यक्ति अपनी योजनाओं को लेकर सतर्क रहता है, वह बड़े-से-बड़े शत्रु पर भी विजय पा लेता है। इसलिए चाणक्य जी बताते हैं कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी योजनाएं साझा करते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही सभी काम को पूर्ण धैर्य के साथ करना चाहिए।

विनम्रता सबसे बड़ा आचरण है:

चाणक्य जी का मानना है कि अगर व्यक्ति को अपने शत्रु पर विजय पानी है तो उसे हमेशा अहंकार से दूर रहना चाहिए। क्योंकि अहंकार और गर्व के कारण मनुष्य के अनेकों शत्रु बन जाते हैं। इसलिए हमेशा हर किसी के साथ विनम्रता के साथ बात करनी चाहिए। चाणक्य जी विनम्रता को श्रेष्ठ गुणों में से एक मानते हैं। ऐसा व्यक्ति हर किसी का प्रिय माना जाता है। (यह भी पढ़ें)- Shani Uday 2022: कर्मफल दाता शनि देव होने जा रहे हैं उदय, इन 6 राशि वालों को हो सकता है जबरदस्त धनलाभ

ताकत में वृद्धि करते रहना चाहिए:

आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर आपको अपने शत्रु को पराजित करना है तो स्वयं की शक्ति में लगातार बढ़ोतरी करनी चाहिए। क्योंकि शक्तिशाली व्यक्ति से पंगा लेने से पहले कोई भी इंसान कई बार सोचता है। अगर व्यक्ति की शक्ति क्षीण हो जाती है तो शत्रु उस पर हमला कर देते हैं। ऐसे में मनुष्य को हमेशा अपनी शक्ति, ताकत और ज्ञान में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए।

मधुर वाणी शत्रु को भी नतमस्त कर सकती है:

चाणक्य जी के अनुसार व्यक्ति की मधुर वाणी शत्रु को भी पराजित कर देती है। इसलिए मधुर वाणी होना बेहद ही जरूरी है। अगर आपका शत्रु आपके पास आकर कटु शब्द बोलता है तो भी आप मधुर शब्दाबली का ही प्रयोग करें। वो खुद वा खुद शर्मिंदा हो जाएगा। (यह भी पढ़ें)- Maha Shivratri 2022: महाशिवरात्रि पर करियर के अनुसार धारण करें ये रुद्राक्ष, लग सकती है बड़ी सफलता हाथ

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