हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए उपाय जीवन में सुख-समृद्धि, धन लाभ और मानसिक शांति प्रदान करते हैं। विशेष रूप से मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कुछ सरल उपाय किए जाएं तो आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं। वहीं यह दिन न केवल चैत्र मास के समापन का प्रतीक है, बल्कि इसी दिन संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि दो दिन पड़ रही है, जिससे उदयातिथि के अनुसार चैत्र पूर्णिमा 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। वहीं व्रत की पूर्णिमा 1 अप्रैल को है। आइए जानते हैं चैत्र पूर्णिमा उपाय के बारे में…
कब है चैत्र पूर्णिमा 2026, तिथि विवाद और धार्मिक संदर्भ
1. स्नान और दान का महत्व
चैत्र पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। यदि संभव न हो तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
2. मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा
इस दिन शाम के समय घर के मंदिर में मां लक्ष्मी की पूजा करें। कमल का फूल, सफेद मिठाई और खीर का भोग लगाएं। दीपक जलाकर लक्ष्मी मंत्रों का जाप करें।
3. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं
चैत्र पूर्णिमा की रात पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और जीवन में स्थिरता आती है।
4. चंद्रमा को अर्घ्य दें
रात में चंद्रमा को दूध और जल मिलाकर अर्घ्य देना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलती है और कुंडली में चंद्र दोष भी शांत होता है।
5. घर में साफ-सफाई और सुगंध
मां लक्ष्मी स्वच्छ और सुगंधित स्थान पर ही निवास करती हैं। इसलिए इस दिन घर की साफ-सफाई करें और दीपक व अगरबत्ती जलाएं।
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