Chaitra Navratri 2026, Maa Durga 108 Names: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना के लिए बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के 108 नामों का स्मरण और जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से माता के 108 नामों का जप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कई तरह की परेशानियां दूर होने लगती हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान नियमित रूप से मां दुर्गा के नामों का जाप करने से भक्तों को देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। साथ ही जो लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं, उनके लिए भी यह जाप बेहद फलदायी माना जाता है।
कब से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026)
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। इस दौरान भक्त मां दुर्गा की आराधना, व्रत और पूजा-पाठ करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
मां दुर्गा के 108 नाम (Maa Durga 108 Names)
- ॐ शिवायै नमः
- ॐ भद्रायै नमः
- ॐ श्रियै नमः
- ॐ विजयायै नम
- ॐ उमायै नमः
- ॐ भारत्यै नमः
- ॐ शर्वाण्यै नमः
- ॐ सर्वगतायै नमः
- ॐ जयायै नमः
- ॐ वाण्यै नमः
- ॐ गौर्यै नमः
- ॐ मायायै नमः
- ॐ वाराह्यै नमः
- ॐ कमलप्रियायै नमः
- ॐ सरस्वत्यै नमः
- ॐ कमलायै नमः
- ॐ मातंग्यै नमः
- ॐ अपरायै नमः
- ॐ कुण्डल्यै नमः
- ॐ अजायै नमः
- ॐ शांकभर्यै नमः
- ॐ चण्डयै नमः
- ॐ वैष्णव्यै नमः
- ॐ क्रियायै नमः
- ॐ श्रियै नमः
- ॐ ऐन्द्रयै नमः
- ॐ मधुमत्यै नमः
- ॐ गिरिजायै नमः
- ॐ सुभगायै नमः
- ॐ अंबिकायै नमः
- ॐ तारायै नमः
- ॐ पद्मावत्यै नमः
- ॐ हंसायै नमः
- ॐ पद्मनाभसहोदर्यै नमः
- ॐ अपर्णायै नमः
- ॐ ललितायै नमः
- ॐ धात्र्यै नमः
- ॐ कुमार्यै नमः
- ॐ शिखवाहिन्यै नमः
- ॐ शांभव्यै नमः
- ॐ सुमुख्यै नमः
- ॐ मैत्र्यै नमः
- ॐ त्रिनेत्रायै नमः
- ॐ विश्वरूपिण्यै नमः
- ॐ आर्यायै नमः
- ॐ मृडान्यै नमः
- ॐ हींकार्यै नमः
- ॐ क्रोधिन्यै नमः
- ॐ सुदिनायै नमः
- ॐ अचलायै नमः
- ॐ सूक्ष्मायै नमः
- ॐ परात्परायै नमः
- ॐ शोभायै नमः
- ॐ सर्ववर्णायै नमः
- ॐ हरप्रियायै नमः
- ॐ महालक्ष्म्यै नमः
- ॐ महासिद्धयै नमः
- ॐ स्वधायै नमः
- ॐ स्वाहायै नमः
- ॐ मनोन्मन्यै नमः
- ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः
- ॐ उद्भूतायै नमः
- ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः
- ॐ त्रिपुरान्तक्यै नमः
- ॐ त्रिशक्त्यै नमः
- ॐ त्रिपदायै नमः
- ॐ दुर्गायै नमः
- ॐ ब्राह्मयै नमः
- ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः
- ॐ पुष्करायै नमः
- ॐ अत्रिसुतायै नमः
- ॐ गूढ़ायै नमः
- ॐ त्रिवर्णायै नमः
- ॐ त्रिस्वरायै नमः
- ॐ त्रिगुणायै नमः
- ॐ निर्गुणायै नमः
- ॐ सत्यायै नमः
- ॐ निर्विकल्पायै नमः
- ॐ निरंजिन्यै नमः
- ॐ ज्वालिन्यै नमः
- ॐ मालिन्यै नमः
- ॐ चर्चायै नमः
- ॐ क्रव्यादोप निबर्हिण्यै नमः
- ॐ कामाक्ष्यै नमः
- ॐ कामिन्यै नमः
- ॐ कान्तायै नमः
- ॐ कामदायै नमः
- ॐ कलहंसिन्यै नमः
- ॐ सलज्जायै नमः
- ॐ कुलजायै नमः
- ॐ प्राज्ञ्यै नमः
- ॐ प्रभायै नमः
- ॐ मदनसुन्दर्यै नमः
- ॐ वागीश्वर्यै नमः
- ॐ विशालाक्ष्यै नमः
- ॐ तमोपहायै नमः
- ॐ सुमंगल्यै नमः
- ॐ काल्यै नमः
- ॐ भैरव्यै नमः
- ॐ महेश्वर्यै नमः
- ॐ चण्ड्यै नमः
- ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
- ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः
- ॐ नित्यायै नमः
- ॐ सानन्दविभवायै नमः
- ॐ सत्यज्ञानायै नमः
- ॐ महेश्वरप्रियंकर्यै नमः
- ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः
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