Chaitra Navratri Bhog List 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह नौ दिनों का पावन त्योहार मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा को समर्पित होता है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि दिन के अनुसार मां दुर्गा को विशेष भोग लगाया जाए, तो देवी जल्दी प्रसन्न होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं। आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के किस स्वरूप को कौन सा खास भोग लगाना शुभ माना जाता है।
पहला दिन – मां शैलपुत्री
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को घी का भोग लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन में सुख और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। इस दिन देवी को शक्कर या मिश्री का भोग अर्पित किया जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। इस दिन माता को दूध या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाना अच्छा माना जाता है। इससे मन को शांति और शक्ति प्राप्त होती है।
चौथा दिन – मां कूष्मांडा
चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को मालपुआ या मीठे व्यंजन का भोग लगाया जाता है। माना जाता है कि इससे घर में समृद्धि और खुशहाली आती है।
पांचवां दिन – मां स्कंदमाता
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। इस दिन माता को केले का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे बुद्धि और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
छठा दिन – मां कात्यायनी
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को शहद का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे जीवन में आकर्षण और सौभाग्य बढ़ता है।
सातवां दिन – मां कालरात्रि
सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। इस दिन देवी को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाया जाता है, जिससे नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
आठवां दिन – मां महागौरी
अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा होती है। इस दिन माता को नारियल का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है।
नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को हलवा-पूरी या तिल से बने प्रसाद का भोग लगाया जाता है। माना जाता है कि इससे देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
