Chaitra Navratri 2026, Maa Durga Aarti Vidhi: चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां की पूजा करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। नवरात्रि में पूजा के साथ-साथ आरती का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि सही विधि, समय और नियमों के अनुसार आरती करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। तो आइए जानते हैं मां दुर्गा की आरती की सही विधि, समय और नियम…

आरती का सही समय

मां दुर्गा की आरती दिन में दो बार करना शुभ माना जाता है। पहला, सुबह सूर्योदय के समय और दूसरा, शाम को सूर्यास्त के बाद। कहा जाता है कि यह समय वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, जिससे पूजा का प्रभाव और बढ़ जाता है।

आरती की सही विधि

मां दुर्गा की आरती करने से पहले स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें और पूजा स्थान को साफ रखें। सबसे पहले मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद धूप, अगरबत्ती, फूल, रोली, कुमकुम और अक्षत अर्पित करें। अब एक थाली में घी का दीपक रखें और उसे जलाकर मां की आरती करें। आरती करते समय थाली को मां की प्रतिमा के सामने घुमाएं और श्रद्धा से आरती गाएं। इस बात का ध्यान रखें कि आरती हमेशा दाएं से बाएं गोल घुमाते हुए की जाती है। इस दौरान मन में भक्ति और एकाग्रता बनाए रखें।

इन नियमों का रखें ध्यान

आरती करते समय मन शांत और सकारात्मक होना चाहिए। पूजा के दौरान किसी तरह की जल्दबाजी न करें। आरती के बाद मां को भोग जरूर लगाएं और अंत में प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटें। साथ ही, पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए मां से क्षमा मांगना भी जरूरी माना जाता है। नवरात्रि में मां दुर्गा की आरती सही विधि से करने पर न केवल घर में सुख-शांति बनी रहती है, बल्कि भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है।

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