Chaitra Navratri 2026 Day 3, Maa Chandraghanta Ki Aarti Lyrics in Hindi: चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघण्टा की पूजा आराधना की जाती है। मां का यह स्वरूप ममतामयी, तेजमयी माना जाता है। चैत्र मास से शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जातती है। इस दिन मां की पूजा करने के साथ व्रत कथा, मंत्र, स्तुति का पाठ करने के बाद अंत में आरती अवश्य करें। इससे आपकी पूजा पूर्ण होती है। इसके साथ ही मां की कृपा से कार्य में मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं मां चंद्रघंटा की आरती…
मां चंद्रघंटा की आरती ( Maa Chandraghanta Aarti )
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे सभी काम।
चंद्र समान तुम शीतल दाती।
चंद्र तेज किरणों में समाती।
क्रोध को शांत करने वाली।
मीठे बोल सिखाने वाली।
मन की मालक मन भाती हो।
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो।
सुंदर भाव को लाने वाली।
हर संकट मे बचाने वाली।
हर बुधवार जो तुझे ध्याये।
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाएं।
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं।
सन्मुख घी की ज्योत जलाएं।
शीश झुका कहे मन की बाता।
पूर्ण आस करो जगदाता।
कांची पुर स्थान तुम्हारा।
करनाटिका में मान तुम्हारा।
नाम तेरा रटू महारानी।
भक्त की रक्षा करो भवानी।
मां चंद्रघंटा स्तुति ( Maa Chandraghanta Stuti)
पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां चंद्रघंटा मंत्र ( Maa Chandraghanta Mantra)
मूल मंत्र: ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
ध्यान मंत्र: वन्दे वाच्छित लाभाय चन्द्रर्घकृत शेखराम्। सिंहारूढा दशभुजां चन्द्रघण्टा यशंस्वनीम्॥
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
