Chaitra Navratri 2nd Day, Maa Brahmacharini Ki Aarti in Hindi: आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। आज मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही मां को प्रिय भोग चीनी, मिश्री, दूध या दूध से बने व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। मां के स्वरूप की बात करें, तो वह श्वेत वर्ण का है। मां ने दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल धारण किया हुआ है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्नचारिणी की विधिवत पूजा करने के साथ सुबह और शाम के समय मां दुर्गा की विधिवत पूजा के आरती अवश्य करनी चाहिए। इससे आपकी मनोकामना पूर्ण हो सकती है। आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की संपूर्ण आरती…
ब्रह्माचारिणी देवी की आरती (Mata Brahmacharini Ji Ki Aarti)
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र (Mata Brahmacharini Mantra)
1- ‘ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:’
2- ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी।
सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते
3- या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
ब्रह्मचारिणी की स्तोत्र पाठ (Mata Brahmacharini Stotra)
तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्।
ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥
शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति- मुक्ति दायिनी।
शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणीप्रणमाम्यहम्॥
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
