Chaitra Navratri Day 1, Maa Shailputri Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: आज से नवरात्रि आरंभ हो चुकी है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ चैत्र नवरात्रि आरंभ हो चुकी है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा करने का विधान है। मां शैलपुत्री को हिमालयराज की पुत्री माना जाता है और इन्हें मां सती का स्वरूप माना जाता है। इस दिन विधिपूर्वक मां शैलपुत्री की आराधना करने और व्रत रखने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धा और नियम के साथ पूजा करने के बाद अंत में आरती करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं मां शैलपुत्री की संपूर्ण आरती…
मां शैलपुत्री आरती (Maa Shailputri Aarti Lyrics)
शैलपुत्री मां बैल सवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
जय मां शैलपुत्री की, जय माता दी
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन पढ़ें ये मंत्र (Maa Shailputri Mantra)
या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
शिवरूपा वृष वहिनी हिमकन्या शुभंगिनी
पद्म त्रिशूल हस्त धारिणी
रत्नयुक्त कल्याणकारिणी
ओम् ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम:
बीज मंत्र- ह्रीं शिवायै नम:
वन्दे वांच्छित लाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
