Budh Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है, जो करीब 15 दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। राशि के अलावा बुध नक्षत्र परिवर्तन भी करते है जिसका असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से देखने को मिलता है। बुध को व्यापार, शिक्षा, बुद्धि, बौद्धिक क्षमता, तर्क-वितर्क आदि का कारक माना जाता है। ऐसे में बुध की स्थिति में बदलाव का असर इन क्षेत्रों में भी पड़ता है। इस समय बुध मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान है। वहीं, 22 अप्रैल को बुध स्वयं के नक्षत्र रेवती में प्रवेश कर जाएंगे। ऐसे में कुछ राशि के जातकों के संचार, रचनात्मकता और आध्यात्मिकता में वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके अलावा व्यापार को लेकर कोई अच्छा निर्णय ले सकते हैं। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। जानें इन राशियों के बारे में…
द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध 22 अप्रैल 2026, बुधवार को 01:41 पी एम बजे रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और 30 अप्रैल को सुबह 6:55 ए एम बजे नक्षत्र परिवर्तन करके अश्विनी में प्रवेश कर जाएंगे। आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से 27 वां और अंतिम नक्षत्र है। इस नक्षत्र की राशि मीन है, जिसके स्वामी गुरु बृहस्पति है। बता दें कि इस समय बुध अपनी नीच राशि मीन में विराजमान है। लेकिन मिथुन राशि में गुरु के होने से नीच भंग राजयोग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में बुध के मीन राशि में जाने से गुरु का भी प्रभाव हर राशि में देखने को मिलने वाला है। बुध के रेवती नक्षत्र में जाने से इन राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है।
वृषभ राशि पर बुध के रेवती नक्षत्र में गोचर करने का असर (Taurus Zodiac)
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का रेवती नक्षत्र में जाना कई क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। इस राशि के ग्यारहवें भाव में बुध विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों की लंबे समय से रुकी हुई की इच्छाएं पूरी हो सकती है। नीच भंग राजयोग के कारण आपके आय में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। मित्रों का पूरा सहयोग मिल सकता है, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं। बुध की दृष्टि पंचम भाव पर पड़ने से संतान की शिक्षा और प्रदर्शन में अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि काफी लाभकारी हो सकती है। इस राशि के जातकों के वेतन वृद्धि से लेकर प्रमोशन तक हो सकता है। कार्यस्थल में आपके काम की सराहना हो सकती है। व्यापारियों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। नए ग्राहक, प्रोजेक्ट, डील आदि मिल सकती है। पुराने किए गए निवेश में लाभ हो सकता है।
प्रेम जीवन में भी सकारात्मक बदलाव संभव है। आपको अच्छा लाइफ पार्टनर मिल सकता है। रिश्तों में सामंजस्य बना रहेगा और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। जी
विद्यार्थियों के लिए यह गोचर काफी अनुकूल है, खासकर उन लोगों के लिए जो एआई (AI) या किसी नए बौद्धिक क्षेत्र में सीखना चाहते हैं।
कर्क राशि पर बुध के रेवती नक्षत्र में गोचर करने का असर (Cancer Zodiac)
कर्क राशि के जातकों के लिए ये अवधि कई मायनों अनुकूल हो सकती है। इस राशि की गोचर कुंडली के भाग्य भाव में बुध गोचर करेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। संचार, नेटवर्किंग या फिर संपर्क के माध्यम से आप काफी लाभ कमा सकते हैं। नीच भंग राजयोग बनने के कारण भाग्योदय के योग बन रहे हैं। विदेश यात्रा करने का सपना पूरा हो सकता है। इसके अलावा जो उच्च शिक्षा और नए अवसरों के द्वार खुलने की प्रबल संभावना है। साहस और आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
करियर के क्षेत्र की बात करें, तो विदेशी संस्थानों से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिल सकता है। विदेश में काम करने का सपना पूरा हो सकता है। अध्यात्म की ओर झुकाव होगा और कई धार्मिक स्थलों की यात्रा कर सकते हैं।
प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और रिश्तों में समझ बढ़ेगी। जीवनसाथी के साथ यात्रा कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह गोचर अत्यंत लाभकारी है। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।
कुंभ राशि पर बुध के रेवती नक्षत्र में गोचर करने का असर (Aquarius Zodiac)
बुध के रेवत नक्षत्र में जाने से कुंभ राशि के जातकों के लिए फलदायी हो सकता है। लंबे समय से परिवार के बीच चला आ रहा वाद-विवाद समाप्त हो सकता है। इस राशि में बुध दूसरे यानी धन भाव में विराजमान रहेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों का परिवार के साथ अच्छा समय बीत सकता है।
कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि वाणी के कारण विवाद की स्थिति बनी सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार से बोलने से पहले सोच-विचार कर लें। इसलिए अनावश्यक खर्चों का नियंत्रण होगा।
प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा रहेगा, विशेष रूप से भाषा और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में रुचि रखने वालों के लिए।
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ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
