Budh Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार के साथ बौद्धिक क्षमता, तर्क-वितर्क, व्यापार, शिक्षा आदि का कारक माना जाता है। बुध एक निश्चित अवधि के बाद राशि और नक्षत्र परिवर्तन करते है जिसका असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिलता है। बता दें कि इस समय बुध मिथुन राशि में विराजमान है और 11 जून को पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। बुध के गुरु के नक्षत्र में आने से हर राशि के जातकों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में जाने से किन राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है…

वैदिक पंचांग के अनुसार, बुध 11 जून 2026, बृहस्पतिवार को 11:30 ए एम बजे पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और 8 अगस्त तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद पुष्य नक्षत्र में चले जाएंगे। इसी अवधि में बुध कर्क राशि में 22 जून को प्रवेश कर जाएंगे। आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से सातवां नक्षत्र ‘पुनर्वसु’ है। जिसका अर्थ है ‘प्रकाश की वापसी’ या ‘नवीनीकरण’। इस नक्षत्र के स्वामी गुरु और राशि मिथुन और कर्क है।

8 जून को धनदाता शुक करेंगे कर्क राशि में प्रवेश, वृषभ, कन्या, मकर राशियों पर हो सकता है सकारात्मक असर

वृषभ राशि पर बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में जाने का असर (Taurus Zodiac)

बुध का पुनर्वसु में जाना इस राशि के जातकों के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। इस राशि के दूसरे भाव में बुध विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों के द्वारा की जा रही मेहनत का फल आपको मिल सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। आकस्मिक धन लाभ के भी योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा जातकों को भी इस अवधि में काफी लाभ मिल सकता है। वेतन वृद्धि के साथ-साथ पदोन्नति के भी योग बन रहे हैं। नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो इस अवधि में आरंभ कर सकते हैं। इससे आपको काफी लाभ मिल सकता है।

परिवार के साथ अच्छा वक्त बीत सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। आपकी वाणी इस अवधि में काफी प्रभावशाली हो सकता है। शेयर मार्केट, सट्टेबाजी के द्वारा भी काफी लाभ कमा सकते हैं। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है।

सिंह राशि पर बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में जाने का असर (Leo Zodiac)

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन अत्यंत प्रभावशाली हो सकता है। इस राशि के जातकों की कुंडली के ग्यारहवें भाव में बुध विराजमान होंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों की कई इच्छाएं पूरी हो सकती है। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीत सकता है। बड़े लोगों से संपर्क हो सकते हैं, जिससे आपके करियर में काफी उछाल आ सकता है। जीवन में कई बड़ी कामनाएं पूरी हो सकती है। पिछले किए गए निवेश से अब अच्छा लाभ मिल सकता है। आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। भौतिक इच्छाएं पूरी हो सकती है। इसके साथ ही भविष्य के लिए धन बचाने में सफल हो सकते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बीत सकता है।

नौकरीपेशा जातकों के आय में बढ़ोतरी के साथ नौकरी के क्षेत्र में भी लाभ मिल सकता है। वेतन वृद्धि, पदोन्नति से लेकर इंक्रीमेंट के योग बन रहे हैं।

तुला राशि पर बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में जाने का असर (Libra Zodiac)

तुला राशि के जातकों के लिए बुध का नक्षत्र परिवर्तन लाभकारी हो सकता है। इस राशि की कुंडली के नौवें भाव में विराजमान रहेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को किस्मत का पूरा साथ मिल सकता है। माता-पिता और गुरुओं का पूरा साथ मिल सकता है, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं। उच्च शिक्षा पाने का सपना पूरा हो सकता है। इसके अलावा लंबी दूरी की यात्रा करते हैं जिसमें तीर्थ यात्रा भी शामिल है। इस अवधि में आपको भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। विदेश से जुड़े कामों में भी सफलता हासिल हो सकती है।

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मिथुन वार्षिक राशिफल 2026कर्क वार्षिक राशिफल 2026
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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।