Vipreet Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक ग्रह का अपना-अपना खास महत्व है। ऐसे में जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है तो उसका असर वैश्विक स्तर से लेकर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलता है। ऐसे ही नवग्रह में से एक ग्रहों के राजकुमार बुध भी एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते है। बुध इस समय मीन राशि में विराजमान है और वहीं मई माह के अंत में वह अपनी स्वराशि मिथुन राशि में प्रवेश करने वाले हैं। बुध के मिथुन राशि में से वह कुछ राशियों पर विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे हैं, जिससे कुछ राशियों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलने वाला है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर की जा रही है। जानें विपरीत राजयोग किन राशियों के लिए हो सकता है लकी…
द्रिक पंचांग के अनुसार, 29 मई को सुबह 11 बजकर 14 मिनट पर बुध मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जहां पर 22 जून तक रहेंगे। इस अवधि में विपरीत राजयोग के अलावा लक्ष्मी नारायण राजयोग का भी निर्माण होगा, क्योंकि मिथुन राशि में शुक्र भी विराजमान होंगे।
कब बनता है विपरीत राजयोग?
वैदिक पंचांग के अनुसार, विपरीत राजयोग का निर्माण तब होता है जब कुंडली के 6वें, 8वें या 12वें भाव (त्रिक भाव) के स्वामी इन्हीं भावों में से किसी अन्य भाव में स्थित हों। इस राजयोग के बनने से जातकों को अचानक धन लाभ से लेकर हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है।
कर्क राशि पर विपरीत राजयोग का असर (Cancer Zodiac)
इस राशि के जातकों के लिए बुध महाराज काफी लाभकारी हो सकते हैं। इस राशि की गोचर कुंडली के तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी बुध है, जो मिथुन राशि में गोचर करके बारहवें भाव में रहेंगे। ऐसे में विपरीत राजयोग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लंबे समय से चली आ रही परेशानियां समाप्त हो सकती है। बेकार के खर्चों से निजात मिल सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। अध्यात्म की ओर आपका झुकाव होगा और कई तीर्थ स्थानों की यात्रा कर सकते हैं। भाई-बहनों के साथ अच्छा समय बीतेगा। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी देखने को मिलने वाली है। संयम के साथ आगे बढ़ेंगे, तो सफलता हासिल हो सकती है।
मकर राशि पर विपरीत राजयोग का असर (Capricorn Zodiac)
इस राशि के जातकों के लिए बुध का मिथुन राशि में जाकर विपरीत राजयोग का निर्माण करना लाभकारी हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के नौवें और छठे भाव के स्वामी बुध है। ऐसे में मिथुन राशि में प्रवेश करके बुध छठे भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता हासिल हो सकती है। रोजमर्रा जिंदगी में चली आ रही परेशानियां समाप्त हो सकती है। आपके जीवन में चली आ रही परेशानियां, चुनौतियां और संघर्ष धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। आप अपने शत्रुओं पर हावी हो सकते है। नौकरीपेशा जातकों को अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं ।
इस अवधि में आप किसी प्रकार का कर्ज या फिर लोन लेना चाहते हैं, तो उसमें सफलता हासिल हो सकती है। इसके अलावा कर्ज चुकाने में सफल हो सकते हैं।
वृश्चिक राशि पर विपरीत राजयोग का असर (Scorpio Zodiac)
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध देव आपके ग्यारहवें और आठवें भाव के स्वामी हैं और मिथुन राशि में गोचर बुध आठवें भाव में विराजमान रहेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को अचानक धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से चला आ रहा मानसिक तनाव समाप्त हो सकता है। ससुराल पक्ष के साथ आपके संबंध अच्छे हो सकते हैं। ससुराल पक्ष के साथ चली आ रही समस्याएं सुलक्ष सकती है। पैतृक संपत्ति मिलने के योग बन रहे हैं। निवेश करने से आपको लाभ मिल सकता है।
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ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
