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जानिए किस विधि से सिर्फ पांच मिनट में की जा सकती है भगवान शिव की अराधना

भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करने से समाप्त होती हैं संतान पक्ष की सभी समस्याएं और निसंतानों को मिलता है संतान सुख।

भगवान शिव पर जल सीधी धारा में ही अर्पित करें।

भगवान भोलेनाथ की अराधना करके सभी विपत्तियों से मुक्ति मिलती है। हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव को देवों को देव माना जाता है। भोलेनाथ जितने विराट हैं उतने ही सरल भी हैं लेकिन उनके क्रोध से पूरी दुनिया का विनाश हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि शिव को प्रसन्न करने के लिए सिर्फ देवों ही नहीं राक्षसों ने भी कड़ी तपस्या की है लेकिन अगर आप भी भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते हैं तो किसी तरह के कठोर तप की आवश्यकता नहीं है। बिना किसी व्रत और पूजा विधि के शिव की अराधना कुछ ही मिनट में की जा सकती है।

ज्योतिष विद्या के अनुसार भगवान शिव की पूजा के लिए सिर्फ पांच मिनट की जरुरत होती है जिसमें हर मिनट के लिए एक विधि होती है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पहले मिनट में भगवान को साष्टांग प्रणाम करें और महिलाएं केवल नमस्कार करें और इसके बाद भगवान से कल्याण की प्रार्थना करें। इससे आपके चारों तरफ एक सुरक्षा कवच निर्मित हो जाता है और व्यक्ति जीवनभर बाधाओं और विपत्तियों से मुक्त रहता है। इसके बाद दूसरे मिनट में धूपबत्ती जलाकर हाथों में लें और और शिवलिंग की नौ बार परिक्रमा करें। इससे जिंदगी और शादीशुदा रिश्ते और समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है।

भगवान शिव की अराधना के तीसरे मिनट में शिवलिंग पर नौ बेलपत्र अर्पित करें और हर बेलपत्र के साथ ऊं नमः शिवाय का जाप करें। इस रुप से पूजा करने से संतान की तरफ से होने वाली समस्याएं दूर होने लगती हैं। यदि आप निसंतान हैं तो संतान की प्राप्ति हो सकती है। अराधना के चौथे मिनट में शिवलिंग पर जल अर्पित करें। इसमें जल की धारा एक तार की तरह शिवलिंग पर गिरती रहनी चाहिए। ऐसा करने से आपके हर रिश्ते में मजबूती आएगी। पांचवे और आखिरी मिनट में एक थाली में कपूर जलाकर भगवान शिव की आरती करें और इसके बाद दान-दक्षिणा करें। ऐसा करने से कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होगी और नौकरी-रोजगार में भी उन्नति मिलेगी।

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