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क्रोध में बोलने लगते हैं अपशब्द, इन उपायों से करें वाणी मधुर

जिन लोगों की वाणी में दोष होता है उन लोगों के जीवन में कभी भी खुशियां स्थायी नहीं होती हैं।

प्रतीकात्क तस्वीर।

कुछ लोग क्रोध में अपनी भाषा में कड़वे शब्द बोलते हैं। इससे उनकी वाणी खराब होती है और ये उन्हें जीवन में उन्नति नहीं होने देता है। इसके साथ ही सामाजिक जीवन पर भी प्रभाव ड़ालता है। भाषा में या वाणी में दोष वाले व्यक्तियों का अपने जीवन पर किसी तरह से संयम नहीं होता है। इसका सारा दोष व्यक्ति को देना उचित नहीं है। कई बार अपशब्द बोलने वालों के शनि और मंगल में दोष होने के कारण उनकी वाणी प्रभावित होने लगती है। इसी के कारण उनके जीवन में कभी भी खुशियां स्थायी नहीं रहती है। जीवन में अगर खुशियां आती हैं तो वो किसी ना किसी उनके दोष के कारण गायब हो जाती हैं। ऐसे लोगों की जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे ही उन्हें भयानक संघर्ष और रोग का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपकी कुंडली के दूसरे या चौथे भाव पर मंगल,राहु और शनि पर बुरा प्रभाव होगा तो आप अपशब्द बोलने लगते हैं। अपशब्द बोलने से दूसरा और चौथा भाव रिश्तों को कमजोर करता है। ऐसे लोगों के जीवन में कष्ट और संघर्ष निश्चित होता है।

इस तरह से अनुचित भाषा का प्रयोग करने से बचने के लिए कुछ आसान उपाय करेंगे तो वो आपके जीवन को सरल बना सकता है। इसके लिए सबसे पहले ऐं का उच्चारण करें, इससे सिर्फ भाषा ही विनम्र नहीं होती है बल्कि मधुर होती है। इससे कुछ महीनों में ही आपको अपने में अंतर दिखने लगेगा। इसके साथ ही तांबे के तीन सिक्कों पर गोमती चक्र मढ़वा लें और उसे हरे रंग के धागे में पहनें। इस धागे को को बुधवार या शनिवार के दिन पहनना उचित रहता है। इससे आपकी वाणि भी मधुर होती है। इसके साथ ही एक उपाय ये है कि आपको हरी मिर्च खानी छोड़ देनी होगी और नियमित रुप से दूसरों को हरी मिर्च खिलाने से भाषा सौम्य होती है। शुक्रवार के दिन 8 वर्ष से कम की कन्याओं को नमकीन चीजें खिलाने से भाषा मधुर होने लगती है।

इन उपायों से सिर्फ भाषा ही मधुर नहीं होती है, इसके साथ ही व्यक्तिव में भी बदलाव आने लगता है। ये बदलाव आपको कई बार करियर के क्षेत्र में भी ऊंचाईयों पर पहुंचा देता है। अपशब्द बोलने से अपने आपको सही करने के लिए एक कौड़ी, एक गोमती चक्र को चांदी में बनवाकर गले में पहनें। इससे गुस्सा भी शांत होने लगता है। इसके साथ ही घर के किसी कोने में बैठकर अपनी सांसों के प्रवाह को महसूस करें। ये उपाय किसी भी समय किया जा सकता है। क्रोध में अपशब्द बोलते हैं तो मंगलवार के दिन बेसन और मसालों का दान करना शुभ होता है और गुस्से में आपकी वाणी को संभाल कर रखता है। इससे मानसिक शांति भी मिलती है। अधिक गुस्से को शांत करने के लिए चीनी या गुड़ की बोरियां छत पर रखें या किसी खिड़की पर लटका दें।

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