वैशाख माह में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान शिव की उपासना, व्रत और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और रात्रि जागरण करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस साल वैशाख मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल को रखा जाएगा। वहीं इस दिन ब्रह्रा और इन्द्र योग भी बन रहा है। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं कब है मासिक शिवरात्रि…

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वैशाख मासिक शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के मुताबिक इस दिन गोधूलि मुहूर्त सुबह 6 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक। वहीं अमृत काल सुबह 7 बजकर 37 मिनट से रात 9 बजकर 10 मिनट तक। वहीं निशिता मुहूर्त रात 12 बजकर 15 मिनट से देर रात 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। मासिक शिवरात्रि की पूजा के लिए निशिता मुहूर्त मंगलकारी माना जाता है।

कब है वैशाख मासिक शिवरात्रि 

फ्यूचर पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल 2026 को रात 10 बजकर 32 मिनट पर होगा। वहीं चतुर्दशी तिथि का समापन 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 12 मिनट पर होगा। निशिता काल के अनुसार, वैशाख माह में मासिक शिवरात्रि का व्रत 15 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा।

वैशाख मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

वैशाख मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से व्रत रखकर और रात्रि जागरण कर पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। विशेष रूप से जो लोग मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियों या विवाह संबंधी बाधाओं से जूझ रहे होते हैं, उन्हें इस व्रत से राहत मिलने की मान्यता है। साथ ही, यह व्रत आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का भी मार्ग प्रशस्त करता है।

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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।