सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अपरा एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वहीं, शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं जिन्हें अपरा एकादशी के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इन गलतियों से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। इस साल अपरा एकादशी का व्रत 13 मई को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं अपरा एकादशी 2026 के नियम और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

12 या 13 मई कब रखा जाएगा अपरा एकादशी का व्रत, जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण समय, मंत्र और आरती

अपरा एकादशी पर इन गलतियों को करने से बचें

चावल का सेवन न करें

एकादशी तिथि पर चावल खाना वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन चावल का सेवन करने से व्रत का पुण्य कम हो सकता है। इसलिए फलाहार या सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है।

क्रोध और विवाद से दूर रहें

अपरा एकादशी के दिन मन को शांत रखना चाहिए। किसी से विवाद करना, अपशब्द बोलना या क्रोध करना शुभ नहीं माना जाता। इस दिन सकारात्मक विचार और भक्ति भाव बनाए रखना चाहिए।

तामसिक भोजन से बचें

लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब जैसी चीजों का सेवन इस दिन नहीं करना चाहिए। व्रत के दौरान सात्विक भोजन और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

देर तक सोना अशुभ माना जाता है

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान और पूजा करनी चाहिए। देर तक सोना शास्त्रों में गलत बताया गया है।

तुलसी के पत्ते बिना नियम के न तोड़ें

एकादशी के दिन तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है, लेकिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए। यदि पूजा के लिए तुलसी चाहिए तो उसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

अपरा एकादशी व्रत के नियम

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
पीले फूल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें।
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
जरूरतमंदों को दान दें।
व्रत के दौरान सात्विकता और संयम का पालन करें।

अपरा एकादशी पर क्या करें

इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है। साथ ही गरीबों को भोजन, वस्त्र या जरूरत की चीजों का दान करना पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति ला सकता है।

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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।