ताज़ा खबर
 

Anant Chaturdashi In 2019: क्या है 14 गांठों वाला अनंत रक्षा सूत्र? जानें अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Anant Chaturdashi In 2019 Date, Puja Vidhi And Muhurat: अनंत चतुर्दशी 2019, 12 सितंबर दिन गुरुवार को है। इस दिन भगवान हरि के अनंत रूप की अराधना की जाती है। इस दिन14 गांठें बनाकर एक अनंत धागा बनाया जाता है जिसकी पूजा करने के बाद उसे अपने बाजू पर बांध लिया जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन ही कई जगह गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan 2019) भी किया जाता है

Anant Chaturdashi In 2019, Anant Chaturdashi 2019 Date, Anant Chaturdashi date, Anant Chaturdashi significance, Anant Chaturdashi puja vidhi, Anant Chaturdashi 2019 shubh muhurat, Anant Chaturdashiअनंत चतुर्दशी 2019, 12 सितंबर दिन गुरुवार को है। इस दिन भगवान हरि के अनंत रूप की अराधना की जाती है।

Anant Chaturdashi In 2019, Anant Chaturdashi Kab Hai: भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी व्रत रखा जाता है। जो इस बार 12 सितंबर दिन गुरुवार को है। इस दिन भगवान हरि के अनंत रूप की अराधना की जाती है। इस दिन 14 गांठें बनाकर एक अनंत धागा बनाया जाता है जिसकी पूजा करने के बाद उसे अपने बाजू पर बांध लिया जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन ही कई जगह गणेश विसर्जन भी किया जाता है।

अनंत धागा क्या है? (anant puja 2019)

शास्त्रों में अनंत चतुदर्शी व्रत रखने के साथ ही भगवान विष्णु के अनंत स्वरुप की पूजा का विधान है। अनंत चतुर्दशी की पूजा में अनंत सूत्र का बड़ा महत्व है। यह अनंत सूत्र सूत के धागे को हल्दी में भिगोकर 14 गाँठ लगाकर तैयार किया जाता है। यह एक रक्षा सूत्र है। इसे पूजा के बाद हाथ या गले में धारण किया जाता है। हर गाठ में श्री नारायण के विभिन्न नामों से पूजा की जाती है। ये 14 गांठें हरि द्वारा उत्पन्न 14 लोकों तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुवः, स्वः, जन, तप, सत्य, मह की रचना की प्रतीक हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को यदि 14 वर्षों तक किया जाए, तो व्रती को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है।

पूजा विधि- इस दिन सुबह सुबह स्नान कर साफ सुथरे कपडे़ पहन लें। उसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल पर कलश की स्थापना करें। कलश पर कुश से बने अनंत की स्थापना करें। चाहें तो भगवान विष्णु की प्रतीमा भी लगा सकते हैं। अब एक डोरी या धागे में कुमकुम, केसर और हल्दी से रंगकर अनंत सूत्र बना लें। जिसमें 14 गांठें लगाएं। इस सूत्र को भगवान विष्णु को अर्पित करें। अब भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की षोडशोपचार विधि से पूजा शुरू करें और इस मंत्र का जाप करें – अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव। अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।। पूजन के बाद इस अनंत सूत्र को अपनी बाजू पर बांध लें। इस बात का ध्यान रखें कि अनंत सूत्र पुरुष अपने दाएं हाथ पर और महिलाएं बाएं हाथ पर बांधे। ऐसा करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं और सपरिवार प्रसाद ग्रहण करें।

अनंत चतुर्दशी शुभ मुहूर्त:
अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त : 06:04:17 से 31:37:13 तक
शुभ मुहूर्त की अवधि : 25 घंटे 32 मिनट

Next Stories
1 Mercury Transit 2019: बुध ग्रह का राशि परिवर्तन, मेष और मिथुन राशि वालों के लिए शुभ तो इन्हें रहना होगा सावधान
2 Navratri 2019 Start Date: नवरात्रि किस दिन से है? इस बार मां जगदम्बा का आगमन किस पर होगा
3 Pitru Paksha 2019 Dates: पितृ पक्ष 2019 का प्रारंभ 14 सितंबर से, जानें श्राद्ध की सभी तिथियां
आज का राशिफल
X