आज दिव्य धाम की सीरीज में हम बात करने जा रहे हैं अमरनाथ धाम के बारे में, अमरनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह मंदिर जम्मू-कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित एक प्राकृतिक गुफा में बना है, जहां हर साल बर्फ से स्वयंभू शिवलिंग का निर्माण होता है। यही इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता और चमत्कार माना जाता है। इस शिवलिंग को बाबा बर्फानी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इसी गुफा के अंदर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरता का रहस्य सुनाया था। भगवान शिव को समर्पित यह धाम आस्था, तपस्या और कठिन पर्वतीय यात्रा का अनोखा संगम है। आइए जानते हैं साल 2026 में कब शुरू होगी अमरनाथ यात्रा और मंदिर का महत्व…
अमरनाथ यात्रा 2026 कब शुरू होगी
अमरनाथ यात्रा आमतौर पर जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में शुरू होती है और रक्षाबंधन (श्रावण पूर्णिमा) तक चलती है। साथ ही 2026 में अमरनाथ यात्रा का आरंभ 3 जुलाई से होने वाला है और इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से किया जाएगा। अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को होगा।
क्यों खास है अमरनाथ मंदिर
अमरनाथ गुफा की सबसे बड़ी विशेषता यहां बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग है, जिसे चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ आकार बदलते हुए देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहीं पर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी। इसलिए इस स्थान को अमरनाथ कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस पवित्र गुफा के दर्शन करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके सभी पापों का नाश होता है।
कैसे पहुंचे अमरनाथ धाम
अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो मुख्य मार्ग हैं, जिसमें पहला पहलगाम मार्ग, जो पारंपरिक और लंबा है। साथ ही यह लकरीब 36-48 किमी लंबा है, जबकि दूसरा बालटाल मार्ग है, जो छोटा लगभग 14 किमी है, लेकिन ये ज्यादा कठिन माना जाता है। वही अमरनाथ मंदिर आने के लिए यात्री श्रीनगर तक हवाई या रेल मार्ग से पहुंच सकते हैं, वहां से सड़क मार्ग द्वारा पहलगाम या बालटाल तक आसानी से जाया जा सकता है। वहीं अमरनाथ यात्रा कठिन मानी जाती है, इसलिए स्वास्थ्य जांच, रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना जरूरी है। मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखना जरूरी होता है।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
