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Akshaya Tritiya 2021 Date, Puja Timings: अक्षय तृतीया कब? जानिए इस दिन सोने की खरीदारी और दान-पुण्य करने का क्या है महत्व

Akshaya Tritiya 2021 Date, Puja Shubh Muhurat, Timing: अक्षय यानी जिसका क्षय न हो। इस दिन कोई भी शुभ काम बिना किसी मुहूर्त के किये जा सकते हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था।

Akshaya Tritiya 2021: कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य करने से जीवन में आ रही परेशानियां दूर हो जाती हैं।

Akshaya Tritiya 2021 Date, Puja Timings: ज्योतिष अनुसार 4 अबूझ मुहूर्त होते हैं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा और दिवाली। इनमें से अक्षय तृतीया का खास दिन 14 मई को पड़ रहा है। अक्षय यानी जिसका क्षय न हो। इस दिन कोई भी शुभ काम बिना किसी मुहूर्त के किये जा सकते हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था। त्रेता युग के आरंभ का भी यही दिन माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन किये गये कार्यों का अक्षय फल मिलता है।

सोने की खरीदारी के पीछे मान्यता: इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दिन नये व्यापार का प्रारंभ करना काफी फलदायी होता है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया निवेश कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन अगर हम भौतिक संसाधन जुटाएं तो वे हमारे पास हमेशा के लिए बने रहते हैं। इसलिए ये खास दिन नया काम शुरू करने, बर्तन, सोना, चांदी जैसी कीमती वस्तुओं की खरीदारी करने के लिए शुभ माना गया है। ये भी कहा जाता है कि इस दिन खरीदा गया सोना पीढ़ियों के साथ बढ़ता चला जाता है।

अक्षय तृतीया पर दान पुण्य का महत्व: कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य करने से जीवन में आ रही परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस दिन जल से भरा घड़ा, शक्कर, बर्फी, सफेद वस्त्र, गुड़, नमक, शरबत, चांदी, चावल का दान बेहद शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन धार्मिक पुस्तकों और फलों का दान भी किया जा सकता है। अगर इस दिन आप जरूरतमंदों की सहायता करेंगे तो आपके जीवन में सुख सुविधाएं बनी रहेंगी।

अक्षय तृतीया व्रत पूजन विधि: कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं। उपवास रखने वालों को इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा स्नान कर पीले वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के मंदिर में जाकर विष्णुजी और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर अक्षत चढ़ाना चाहिए। इसके बाद विधि विधान पूजा करनी चाहिए। नैवेद्य के रूप में जौ, गेंहू, सत्तू, ककड़ी, चने की दाल आदि का चढ़ावा चढ़ाना चाहिए। इसी दिन ब्राह्मणों को भोजन भी करवाया जाता है। साथ ही फल, फूल, बर्तन, वस्त्र, भूमि, गौ, जल से भरे घड़े, खड़ाऊं, कुल्हड़, पंखे, चावल, खरबूजा, चीनी, नमक, घी, साग आदि का दान करना पुण्यकारी माना जाता है।

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त:
अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त 05:38 AM से 12:18 PM
अवधि 06 घण्टे 40 मिनट
तृतीया तिथि प्रारम्भ मई 14, 2021 को 05:38 AM बजे
तृतीया तिथि समाप्त मई 15 2021 को 07:59 AM बजे

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