आज का पंचांग, 28 अक्टूबर 2021: 667 साल बाद अहोई अष्टमी पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानिये क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त और राहु काल का समय

Aaj Ka Panchang/ Ahoi Ashtami 2021 Panchang: इस साल अहोई अष्टमी के मौके पर गुरु-पुष्य योग बन रहा है, जिसमें खरीददारी करना बेहद ही शुभ माना जाता है।

Ahoi Ashtami, Ahoi Ashtami 2021
Panchang/ Ahoi Ashtami 2021: अहोई अष्टमी की पूजा पंचांग देखकर करनी चाहिए।

Today Panchang 28 October 2021 (आज का पंचांग): हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। पंचांग अनुसार मुहूर्त आदि देखकर कोई भी कार्य करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और उसकी रक्षा के लिए पूरे दिन निर्जला उपवास करती हैं। अहोई अष्टमी के दिन माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। ऐसे में पंचांग अनुसार जानिये अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त, राहु काल और तारे निकलने का समय-

अहोई अष्टमी शुभ मुहूर्त (Ahoi Ashtami Shubh Muhurat:)

अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर 2021 को बृहस्पतिवार के दिन रखा जाएगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त- 05:39 PM से 06:56 PM
अवधि- 01 घण्टा 17 मिनट
नक्षत्र- पुनर्वसु
गोवर्धन राधा कुण्ड स्नान गुरुवार, अक्टूबर 28, 2021 को
तारों को देखने के लिए सांझ का समय- 06:03 PM
अहोई अष्टमी के दिन चन्द्रोदय समय-11:29 PM

कब रहेगा राहु काल: राहुकाल के समय कोई भी शुभ और नया कार्य करने से बचना चाहिए। अहोई अष्टमी के दिन दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक राहुकाल रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर शुरू होगा, जो 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म होगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर शुरू होगा और 3 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगा। गोधुली मुहूर्त 7 बजकर 04 मिनट से 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।

गुरु पुष्य नक्षत्र: पंचांग के अनुसार 28 अक्टूबर गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा। क्योंकि गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है, इसलिए इसे गुरु-पुष्य नक्षत्र भी कहा जाता है। जिस दिशा में यह योग बन रहा है, वह 667 साल बाद आएगी। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। 28 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र सुबह 09 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर 29 अक्टूबर को प्रात: 11 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इस नक्षत्र में खरीददारी और निवेश करना बेहद ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा अहोई अष्टमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी बन रहे हैं।

पढें Religion समाचार (Religion News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
रावण ने अपने आखिरी पलों में लक्ष्मण को दिया था यह ज्ञान, आपकी सक्सेस के लिए भी जरूरी हैं ये बातेंravan, ram, laxman, ramayan, valuable things, srilanka, धर्म ग्रंथ रामायण, राम, रावण, लंकापति रावण, वध श्रीराम, शिवजी की पूजा, लक्ष्मण
अपडेट