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मिथुन और तुला के बाद इन 2 राशियों पर शुरू होने वाली है शनि ढैय्या, देखें कहीं आपकी राशि तो इसमें शामिल नहीं?

शनि ढैय्या (Shani Dhaiya) से पीड़ित जातकों के कार्यों में बाधाएँ आने लगती हैं और मानसिक तनाव अधिक रहते हैं। वर्तमान में मिथुन और तुला वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है। जानिए अब कौन सी राशियां इसकी चपेट में आने वाली हैं।

शनि देव की महादशा से मुक्ति पाने के लिए शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना चाहिए।

Shani Dhaiya: ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर ग्रह माना गया है। पौराणिक मान्यताओं अनुसार सभी ग्रहों में शनि को न्यायाधीश की उपाधि प्राप्त है। इनकी दृष्टि और छाया से कोई नहीं बच सकता है। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। कहते हैं कि अगर ये कुंडली में अशुभ स्थिति में हैं तो इनकी महादशा के समय व्यक्ति को अशुभ परिणाम ही प्राप्त होंगे और अगर ये शुभ स्थिति में हैं तो व्यक्ति तरक्की भी खूब करेगा। वर्तमान में मिथुन और तुला वालों पर शनि की ढैय्या चल रही है। जानिए अब कौन सी राशियां इसकी चपेट में आने वाली हैं।

इन पर शुरू होगी शनि की ढैय्या: साल 2022 में 29 अप्रैल को शनि कुंभ राशि में प्रवेश कर जायेंगे। जिससे कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जायेगी। वहीं मिथुन और तुला जातक इसके प्रकोप से मुक्त हो जायेंगे। साल 2022 में ही धनु वालों को भी शनि साढ़े साती से छुटकारा मिल जाएगा। जब्कि मीन वाले इसकी चपेट में आ जायेंगे।

शनि के उपाय:
-शनि देव की महादशा से मुक्ति पाने के लिए शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाना चाहिए।
-भगवान शिव और हनुमान जी की अराधना करनी चाहिए।
-परिश्रम करने वालों का सम्मान करें।
-जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए।
-शनि मंत्र का जाप करें।
-शनि से संबंधित चीजों का दान करना चाहिए।
-शनिवार के दिन काले कपड़ें पहनने चाहिए।
-शनिवार के दिन जटा वाले ग्यारह नारियल बहते हुए जल में प्रवाहित करने चाहिए। यह भी पढ़ें- Chanakya Niti: भूलकर भी ये 4 बातें किसी से न करें शेयर, नहीं तो हो सकता है आपका नुकसान
-बंदरों को गुड़ खिलाएँ और चींटियों को आटा डालें।
-शराब और मांसाहार से परहेज करें।
-ग़रीबों को जूते व काले वस्त्र दान करने चाहिए।

शनि का वैदिक मंत्र
ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।
शं योरभि स्त्रवन्तु न:।।

शनि का तांत्रिक मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः।। यह भी पढ़ें- इस मूलांक वालों में जन्म से ही होती है लीडरशिप क्वालिटी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बर्थ डेट का भी यही है नंबर

शनि का बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।

शनि ढैय्या के प्रभाव? शनि ढैय्या से पीड़ित जातकों के कार्यों में बाधाएँ आने लगती हैं और मानसिक तनाव अधिक रहते हैं। करियर में कठिन प्रयासों के बाद भी सफलता हासिल नहीं हो पाती। मन उदास रहता है और शत्रुओं की संख्या में बढ़ोतरी होने लगती है। घर परिवार में कलह बना रहता है। यह भी पढ़ें- 19 जून को जन्मे हैं राहुल गांधी, इनका मूलांक बनता है 1, जानिए इस मूलांक वालों की खासियत

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