ज्योतिष अनुसार नवरात्रि में इन विशेष उपायों को करने से शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से मिलती है राहत

Shani Upay In Navratri 2021: ज्योतिष में शनि को नियंत्रित करने के लिए मां कालरात्रि की पूजा अचूक मानी जाती है। इसी के साथ नवरात्र में मां महागौरी की अराधना से भी शनि ग्रह मजबूत होता है।

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नवरात्रि में शनिवार के दिन रामायण के उत्तरकाण्ड का पाठ करें। कहा जाता है कि इससे शनि, राहु और केतु के दोषो से राहत मिलती है।

Shani Sade Sati Or Shani Dhaiya Upay In Navratri: मां अंबे की उपासना के दिन नवरात्र चल रहे हैं। ये पर्व हिंदू धर्म के लोगों के लिए बेहद ही खास होता है। कहा जाता है कि इन दिनों मां अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर उनका कल्याण करती हैं। ज्योतिष अनुसार नवरात्रि के दिनों में विशेष पूजा पाठ से ग्रह दोषों को भी शांत किया जा सकता है। यहां हम बात करेंगे शनि ग्रह की जिससे सबसे ज्यादा लोग परेशान रहते हैं। देखिए शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए नवरात्रि में किन उपायों को कर सकते हैं…

नवरात्रि में शनिवार के दिन रामायण के उत्तरकाण्ड का पाठ करें। कहा जाता है कि इससे शनि, राहु और केतु के दोषो से राहत मिलती है। शनिवार के दिन शनिदेव का सरसो के तेल में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें। शनि को मजबूत करने के लिए मां काली को गुड़हल का फूल अर्पित करें। इसके बाद “ॐ क्रीं कालिकायै नमः” मंत्र का जाप करें और माता से शनि की शान्ति की प्रार्थना करें। मां अंबे के कालरात्रि स्वरूप की उपासना करने से भी शनि मजबूत होते हैं। धनु से हटकर मीन राशि वालों पर शुरू हो जायेगी शनि साढ़े साती, जानिए डेट

ज्योतिष में शनि को नियंत्रित करने के लिए मां कालरात्रि की पूजा अचूक मानी जाती है। इसी के साथ नवरात्र में मां महागौरी की अराधना से भी शनि ग्रह मजबूत होता है। नवरात्र में पड़ने वाले शनिवार के दिन लोहे का सामान, सरसो के तेल, तिल, उड़द की दाल, काले कपड़े इत्यादि चीजों का दान करें। कहा जाता है कि इससे शनि परेशान नहीं करते। नवरात्रि के नौ दिन मां अंबे की विधि विधान पूजा करने से भी जीवन में किसी भी ग्रह के कारण आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। 5 राशि वालों पर है शनि की टेढ़ी नजर, जानिए किन उपायों से मिलेगी राहत

नवरात्रि में शनिवार के दिन नहाने के पानी में काले तिल मिलाकर नहाएं इससे शनि ग्रह शांत होता है। शनिवार के दिन तेल के अन्दर अपना मुंह देखकर तेल का दान करें। शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जयालें। इस दिन शनि स्त्रोत का पाठ कर सकते हैं। अगर आप शनि साढे साती या शनि के ढैया से परेशान हैं तो नवरात्रि में शनिवार के दिन शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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