Aaj Ka Panchang 18 August 2026 (आज का पंचांग 18 अगस्त 2026): वैदिक पंचांग अनुसार, आज श्रावण शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शाम 5 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। वहीं उसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। आज प्रथम चातुर्मास का 25वाँ दिन, कल्कि जयन्ती, तृतीय मंगला गौरी व्रत, रवि योग, विडाल योग है। आइए जानते हैं मंगलवार का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, राहुकाल से लेकर विस्तृत पंचांग… 

12 साल बाद गुरु बृहस्पति करेंगे सिंह राशि में गोचर, सिंह, कर्क, वृश्चिक और तुला राशि वालों को आर्थिक उन्नति के योग

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 5:56 AM
सूर्यास्त – 6:53 PM
चन्द्रोदय – Aug 18 11:15 AM
चन्द्रास्त – Aug 18 10:11 PM

विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – श्रावण
अमांत – श्रावण

2 सितंबर को शुक्र करेंगे अपनी मूल त्रिकोण राशि तुला में प्रवेश, कन्या, कुंभ, मेष और मकर राशि पर पड़ सकता है सकारात्मक प्रभाव

आज की तिथि

शुक्ल पक्ष षष्ठी – Aug 17 05:00 PM – Aug 18 05:50 PM
शुक्ल पक्ष सप्तमी – Aug 18 05:50 PM – Aug 19 07:19 PM

आज का नक्षत्र

स्वाति – Aug 18 04:58 AM – Aug 19 06:46 AM

आज का करण

तैतिल – Aug 18 05:20 AM – Aug 18 05:51 PM
गर – Aug 18 05:51 PM – Aug 19 06:31 AM

आज का योग

शुक्ल – Aug 18 03:28 AM – Aug 19 03:22 AM
ब्रह्म – Aug 19 03:22 AM – Aug 20 03:43 AM

वार
मंगलवार

त्यौहार और व्रत
षष्टी

अशुभ काल

राहुकाल – 3:39 PM – 5:16 PM
यम गण्ड – 9:10 AM – 10:47 AM
कुलिक – 12:24 PM – 2:02 PM
दुर्मुहूर्त – 08:31 AM – 09:23 AM, 11:18 PM – 12:03 AM
वर्ज्यम् – 10:59 AM – 12:42 PM

शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त – 11:59 AM – 12:50 PM
अमृत काल – 09:18 PM – 11:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 04:20 AM – 05:08 AM

आनन्दादि योग

ध्वजा (केतु)

सूर्या राशि

सूर्य सिंह राशि पर है

चंद्र राशि

चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)

मेष राशि का वर्षफल 2026वृष राशि का वर्षफल 2026
मिथुन राशि का वर्षफल 2026कर्क राशि का वर्षफल 2026
सिंह राशि का वर्षफल 2026कन्या राशि का वर्षफल 2026
तुला राशि का वर्षफल 2026वृश्चिक राशि का वर्षफल 2026
धनु राशि का वर्षफल 2026मकर राशि का वर्षफल 2026
कुंभ राशि का वर्षफल 2026मीन राशि का वर्षफल 2026

डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।