Aaj Ka Panchang 16 August 2026 (आज का पंचांग 16 अगस्त 2026): वैदिक पंचांग अनुसार, आज श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शाम 04 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। वहीं उसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी।  प्रथम चातुर्मास का 23वाँ दिन, दूर्वा गणपति चतुर्थी, भद्रा, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग, मधुसर्पिष योग, विडाल योग है। आइए जानते हैं रविवार का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय-सूर्यास्त का समय, राहुकाल से लेकर विस्तृत पंचांग…

22 अगस्त को सूर्य की राशि में बनेगा त्रिग्रही योग, सिंह, तुला, वृश्चिक और मेष राशि वालों को आर्थिक उन्नति के योग

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 5:55 AM
सूर्यास्त – 6:55 PM
चन्द्रोदय – Aug 16 9:18 AM
चन्द्रास्त – Aug 16 9:06 PM

विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – श्रावण
अमांत – श्रावण

आज की तिथि

शुक्ल पक्ष चतुर्थी – Aug 15 05:29 PM – Aug 16 04:52 PM
शुक्ल पक्ष पंचमी – Aug 16 04:52 PM – Aug 17 05:00 PM

आज का नक्षत्र

हस्त – Aug 16 03:25 AM – Aug 17 03:50 AM
चित्रा – Aug 17 03:50 AM – Aug 18 04:58 AM

आज का करण

विष्टि – Aug 16 05:05 AM – Aug 16 04:53 PM
बव – Aug 16 04:53 PM – Aug 17 04:51 AM
बालव – Aug 17 04:51 AM – Aug 17 05:00 PM

आज का योग

साध्य – Aug 16 05:20 AM – Aug 17 04:07 AM
शुभ – Aug 17 04:07 AM – Aug 18 03:28 AM

वार

रविवार

त्यौहार और व्रत

वरद चतुर्थी

अशुभ काल

राहुकाल – 5:18 PM – 6:55 PM
यम गण्ड – 12:25 PM – 2:03 PM
कुलिक – 3:40 PM – 5:18 PM
दुर्मुहूर्त – 05:11 PM – 06:03 PM
वर्ज्यम् – 11:58 AM – 01:36 PM

शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त – 11:59 AM – 12:51 PM
अमृत काल – 09:43 PM – 11:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 04:19 AM – 05:07 AM

आनन्दादि योग

मानस Upto – 03:50 AM
पद्म

सूर्य राशि

सूर्य कर्क राशि पर है

चंद्र राशि

चन्द्रमा कन्या राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)

मेष राशि का वर्षफल 2026वृष राशि का वर्षफल 2026
मिथुन राशि का वर्षफल 2026कर्क राशि का वर्षफल 2026
सिंह राशि का वर्षफल 2026कन्या राशि का वर्षफल 2026
तुला राशि का वर्षफल 2026वृश्चिक राशि का वर्षफल 2026
धनु राशि का वर्षफल 2026मकर राशि का वर्षफल 2026
कुंभ राशि का वर्षफल 2026मीन राशि का वर्षफल 2026

डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।