Aaj Ka Panchang 12 August 2026 (पंचांग 12 अगस्त 2026): श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के साथ बुधवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि रात 11 बजकर 6 मिनट तक है। इसके बाद श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी। आज पुष्य नक्षत्र में हरियाली अमावस्या पड़ रही है। आज के दिन स्नान-दान के साथ पितरों का तर्पण करने से लेकर वृक्षारोपण करना शुभ माना जाता है। आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है। आइए जानते हैं बुधवार का शुभ योग, नक्षत्र, दिशा मूल, राहुकाल से लेकर संपूर्ण पंचांग…
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – श्रावण
अमांत – आषाढ़
वार- बुधवार
त्योहार और व्रत- हरियाली अमावस्या, सूर्य ग्रहण
तिथि
कृष्ण पक्ष अमावस्या 11:06 पीएम तक, फिर शुक्ल पक्ष प्रतिपदा आरंभ
नक्षत्र
पुष्य – सुबह 07:59, फिर आश्लेषा आरंभ
करण
चतुष्पद – 12 अगस्त 01:53 एएम – 12 अगस्त 12:27 पीएम
नाग – 12 अगस्त 12:27 पीएम – 12 अगस्त 11:06 पीएम
किस्तुघन – 12 अगस्त 11:06 पीएम – 13 अगस्त 09:51 एएम
योग
व्यातीपात – अगस्त 11 06:51 पीएम – अगस्त 12 03:25 पीएम
वरीयान – अगस्त 12 03:25 पीएम – अगस्त 13 12:15 पीएम
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 6:05 एएम
सूर्यास्त – 6:58 पीएम
चन्द्रोदय – अगस्त 12 5:19 एएम
चन्द्रास्त – अगस्त 12 6:52 पीएम
आज का अशुभ काल
राहुकाल – 12:31 पीएम – 2:08 पीएम
यम गण्ड – 7:42 एएम – 9:18 एएम
कुलिक – 10:55 एएम – 12:31 पीएम
दुर्मुहूर्त – 12:06 पीएम – 12:57 पीएम
वर्ज्यम् – 07:46 पीएम – 09:14 पीएम
आज का शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त – Nil
अमृत काल – 04:36 एएम – 06:05 एएम
ब्रह्म मुहूर्त – 04:29 एएम – 05:17 एएम
सूर्य- कर्क राशि पर है
चंद्र राशि- कर्क राशि में
सूर्य ग्रहण 2026
पंचांग के अनुसार यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से शुरू होगा और देर रात 1:27 बजे (13 अगस्त) पर समाप्त होगा। ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला हैं। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
सावन अमावस्या दान- स्नान का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 6 मिनट तक
चर मुहूर्त: सुबह 5:38 बजे से 7:20 बजे तक
लाभ मुहूर्त: सुबह 7:20 बजे से 9:03 बजे तक
अमृत मुहूर्त: सुबह 9:03 बजे से 10:45 बजे तक
शुभ मुहूर्त: दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
