Aaj Ka Panchang 6 March 2026 (6 मार्च का पंचांग): चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के साथ शुक्रवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि शाम 6 बजकर 53 मिनट क रहने वाली है। इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही आज भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। आज हस्त, चित्रा नक्षत्र के साथ वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त और अशुभ मुहूर्तों में राहुकाल, यमगण्ड सहित 6 मार्च का संपूर्ण पंचांग…
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
पूर्णिमांत – चैत्र
अमांत – फाल्गुन
तिथि- कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि शाम 05:53 तक, फिर चतुर्थी तिथि आरंभ
पक्ष-कृष्ण
वार-शुक्रवार
व्रत- भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत
आज का नक्षत्र
हस्त – सुबह 09:29 तक, फिर चित्रा नक्षत्र
करण
विष्टि – शाम 05:53 बजे तक, फिर बव
योग
गण्ड – 6 मार्च 07:05 ए एम
वृद्धि – सुबह 07:05 ए एम – 7 मार्च 06:52 ए एम
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 6:48 ए एम
सूर्यास्त – 6:28 पीएम
चन्द्रोदय – 6 मार्च 9:13 पीएम
चन्द्रास्त – 7 मार्च 8:44 ए एम
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल – 11:10 ए एम– 12:38 पीएम
यम गण्ड – 3:33 पीएम– 5:00 पीएम
कुलिक – 8:15 ए एम– 9:43 ए एम
दुर्मुहूर्त – 09:08 ए एम– 09:54 ए एम, 01:01 पीएम– 01:48 पीएम
वर्ज्यम् – 06:04 पीएम– 07:47 पीएम
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – 12:14 पीएम– 01:01 पीएम
अमृत काल – 04:22 ए एम– 06:05 ए एम
ब्रह्म मुहूर्त – 05:11 ए एम– 05:59 ए एम
सूर्या राशि- कुंभ राशि
चंद्र राशि- 6 मार्च को 10:18 पीएम तक, फिर तुला राशि
आज का चौघड़िया मुहूर्त (Aaj Ka Choghadiya 6 March 2026)
दिन का चौघड़िया
चर- 06:48 ए एम- 08:15 ए एम
लाभ- 08:15 ए एम- 09:43 ए एम
अमृत (वार वेला)- 09:43 ए एम-11:10 ए एम
काल (काल वेला) -11:10 ए एम- 12:38 पीएम
शुभ-12:38 पीएम-14:05 पीएम
रोग- 14:05 पीएम-15:33 पीएम
उद्बेग- 15:33 पीएम17:00 पीएम
चर- 17:00 पीएम18:28 पीएम
रात का चौघड़िया
रोग- 18:28 पीएम- 20:00 पीएम
काल- 20:00 पीएम- 21:33 पीएम
लाभ (काल रात्रि)- 21:33 पीएम- 23:05 पीएम
उद्बेग – 23:05 पीएम- 00:37 ए एम
शुभ- 00:37 ए एम- 02:10 ए एम
अमृत- 02:10 ए एम- 03:42 ए एम
चर- 03:42 ए एम-05:14 ए एम
रोग- 05:14 ए एम- 06:47 ए एम
डिसक्लेमर- पंचांग की गणना भौगोलिक स्थान के आधार पर बदल सकती है। अपने शहर के सटीक सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय के लिए स्थानीय पंचांग का संदर्भ लें।
