Aaj Ka Panchang 31 January 2026 (31 जनवरी 2026 का पंचांग): माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ शनिवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहने वाली है। इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी। आज चंद्रमा मिथुन और सूर्य मकर राशि में विराजमान है। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त और अशुभ मुहूर्तों में राहुकाल, यमगण्ड सहित 31 जनवरी का संपूर्ण पंचांग….
विक्रम संवत्- 2082
संवत्सर – सिद्धार्थ
शक संवत् 1947
हिजरी सन् 1447
मुस्लिम मास 11 – सावान
अयन –उत्तरायण
ऋतु –शिशिर ऋतु
तिथि – त्रयोदशी – 08:25 ए एम तक, चतुर्दशी – 05:52 ए एम, फरवरी 01 तक
पक्ष –शुक्ल पक्ष
वार –शनिवार
अमांत महीना – माघ
पूर्णिमांत महीना – माघ
नक्षत्र
पुनर्वसु – 01:34 ए एम, फरवरी 01 तक, फिर पुष्य
योग
योग – विष्कुम्भ 01:33 पी एम तक, फिर प्रीति
सर्वार्थसिद्धि योग – 03:27 ए एम- 07:11 ए एम, 31 जनवरी
करण
तैतिल – 08:25 ए एम तक
गर – 07:07 पी एम तक
वणिज – 05:52 ए एम, फरवरी 01 तक, फिर विष्टि
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त- 12:13 पी एम से 12:56 पी एम
अमृत काल – 11:20 पी एम– 12:48 ए एम
ब्रह्म मुहूर्त – 05:24 ए एम से 06:17 ए एम
गोधूलि मुहूर्त – 05:57 पी एम से 06:23 पी एम
आज का चौघड़िया
शुभ – उत्तम- 07:39 ए एम से 09:00 ए
लाभ – उन्नति- 01:03 पी एम से 02:24 पी एम
अमृत – सर्वोत्तम- 02:24 पी एम से 03:45 पी एम
शुभ – उत्तम- 05:07 पी एम से 06:28 पी एम
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय– 07:10 ए एम
सूर्यास्त – 05:59 पी एम
चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
चंद्रोदय – 04:16 पी एम
चन्द्रास्त – 06:45 ए एम, फरवरी 01
दिशा शूल – पूर्व
चंद्र राशि – मिथुन राशि में 08:01 पी एम तक, फिर कर्क
सूर्य राशि – मकर
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल – 09:52 ए एम से 11:14 ए एम
यमगण्ड – 01:56 पी एम से 03:17 पी एम
गुलिक काल – 07:10 ए एम से 08:31 ए एम
दुर्मुहूर्त- 07:10 ए एम से 07:53 ए एम, 07:53 ए एम से 08:37 ए एम
सूर्य का रत्न माणिक पहनना काफी लाभकारी माना जाता है। लेकिन कब कैसे और क्यों पहनना चाहिए। इससे बारे में जानना बेहद जरूरी है। इसके अलावा असली और नकली माणिक्य की पहचान करना भी बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कहीं आप नकली माणिक्य तो नहीं पहन रहे हैं? जानें असली रत्न की पहचान, लाभ और धारण करने की सही विधि
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
