Aaj Ka Panchang 20 April 2026 (पंचांग 20 अप्रैल 2026): वैदिक पंचांग अनुसार, आज वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह को 07 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। वहीं उसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं आज मातङ्गी जयन्ती, रोहिणी व्रत, संकर्षण चतुर्थी, भद्रा, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग है। इसके साथ ही आज चंद्रमा मेष राशि में दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक संचरण करेंगे। वहीं उसके बाद वृष राशि में संचरण रहेंगे, यहां वो अपना पूर्ण फल प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त और अशुभ मुहूर्तों में राहुकाल, यमगण्ड सहित 20 अप्रैल का संपूर्ण पंचांग
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 5:54 AM
सूर्यास्त – 6:45 PM
चन्द्रोदय – Apr 20 7:39 AM
चन्द्रास्त – Apr 20 10:25 PM
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – बैशाख
अमांत – बैशाख
आज की तिथि
शुक्ल पक्ष तृतीया – Apr 19 10:49 AM – Apr 20 07:27 AM
शुक्ल पक्ष चतुर्थी [ क्षय तिथि ] – Apr 20 07:27 AM – Apr 21 04:15 AM
शुक्ल पक्ष पंचमी – Apr 21 04:15 AM – Apr 22 01:20 AM
आज का नक्षत्र
रोहिणी – Apr 20 04:35 AM – Apr 21 02:08 AM
म्रृगशीर्षा – Apr 21 02:08 AM – Apr 21 11:58 PM
आज का करण
गर – Apr 19 09:08 PM – Apr 20 07:28 AM
वणिज – Apr 20 07:28 AM – Apr 20 05:49 PM
विष्टि – Apr 20 05:50 PM – Apr 21 04:15 AM
बव – Apr 21 04:15 AM – Apr 21 02:45 PM
आज का योग
सौभाग्य – Apr 19 08:01 PM – Apr 20 04:11 PM
शोभन – Apr 20 04:11 PM – Apr 21 12:30 PM
आज का वार
सोमवार
आज का त्यौहार और व्रत
वरद चतुर्थी
सोमवार व्रत
रोहिणी व्रत
मातंगी जयंती
अशुभ काल
राहुकाल – 7:30 AM – 9:07 AM
यम गण्ड – 10:43 AM – 12:20 PM
कुलिक – 1:56 PM – 3:32 PM
दुर्मुहूर्त – 12:45 PM – 01:37 PM, 03:19 PM – 04:11 PM
वर्ज्यम् – 06:57 PM – 08:23 PM
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त – 11:54 AM – 12:45 PM
अमृत काल – 11:15 PM – 12:41 AM
ब्रह्म मुहूर्त – 04:17 AM – 05:05 AM
आनन्दादि योग
वर्धमान Upto – 02:08 AM
आनन्द
सूर्य राशि
सूर्य मेष राशि पर है
चंद्र राशि
चन्द्रमा वृषभ राशि पर संचार करेगा (पूरा दिन-रात)
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
