Aaj Ka Panchang 16 July 2026 (आज का पंचांग 16 जुलाई 2026): वैदिक पंचांग अनुसार, आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 08 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। वहीं उसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। साथ ही आज  जगन्नाथ रथयात्रा, कर्क संक्रान्ति, गण्ड मूल, रवि योग, विडाल योग है। आइए जानते हैं गुरुवार की तिथि, नक्षत्र, योग, व्रत, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय…  

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 5:38 AM
सूर्यास्त – 7:16 PM
चन्द्रोदय – Jul 16 7:25 AM
चन्द्रास्त – Jul 16 9:02 PM

विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – आषाढ़
अमांत – आषाढ़

आज की तिथि

शुक्ल पक्ष द्वितीया – Jul 15 11:51 AM – Jul 16 08:53 AM
शुक्ल पक्ष तृतीया – Jul 16 08:53 AM – Jul 17 06:28 AM

आज का नक्षत्र

आश्लेषा – Jul 15 09:46 PM – Jul 16 07:52 PM
मघा – Jul 16 07:52 PM – Jul 17 06:34 PM

आज का करण

कौलव – Jul 15 10:18 PM – Jul 16 08:53 AM
तैतिल – Jul 16 08:53 AM – Jul 16 07:36 PM
गर – Jul 16 07:36 PM – Jul 17 06:28 AM

आज का योग

सिद्धि – Jul 16 04:30 AM – Jul 17 01:21 AM
व्यातीपात – Jul 17 01:21 AM – Jul 17 10:45 PM

आज का वार

गुरुवार

त्यौहार और व्रत
कर्क संक्रांति
पूरी जगन्नाथ रथ यात्रा

अशुभ काल

राहुकाल – 2:09 PM – 3:51 PM
यम गण्ड – 5:38 AM – 7:20 AM
कुलिक – 9:02 AM – 10:44 AM
दुर्मुहूर्त – 10:10 AM – 11:05 AM, 03:37 PM – 04:32 PM
वर्ज्यम् – 09:33 AM – 11:01 AM

शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त – 11:59 AM – 12:54 PM
अमृत काल – 07:03 PM – 08:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त – 04:02 AM – 04:50 AM

आनन्दादि योग

अमृत Upto – 07:52 PM
मुसल

सूर्य राशि

सूर्य जुलाई 16, 11:35 PM तक मिथुन राशि, उपरांत कर्क राशि में प्रवेश

चंद्र राशि

चन्द्रमा जुलाई 16, 07:52 PM तक कर्क राशि उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा।

मेष राशि का वर्षफल 2026वृष राशि का वर्षफल 2026
मिथुन राशि का वर्षफल 2026कर्क राशि का वर्षफल 2026
सिंह राशि का वर्षफल 2026कन्या राशि का वर्षफल 2026
तुला राशि का वर्षफल 2026वृश्चिक राशि का वर्षफल 2026
धनु राशि का वर्षफल 2026मकर राशि का वर्षफल 2026
कुंभ राशि का वर्षफल 2026मीन राशि का वर्षफल 2026

डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।