Aaj Ka Panchang 16 April 2026 (पंचांग 16 अप्रैल 2026): आज 16 अप्रैल 2026 को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो रात 8:11 बजे तक रहेगी, उसके बाद अमावस्या शुरू होगी। गुरुवार का दिन है। रेवती नक्षत्र, इंद्र और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। चंद्रमा मीन राशि में है, जिससे चतुर्ग्रही योग बन रहा है। शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त हैं। अशुभ मुहूर्त में राहुकाल, यमगण्ड आदि हैं। अभिजित मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी दिया गया है। यह लेख ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।
आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के साथ गुरुवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि रात 8 बजकर 11 मिनट तक रहने वाला है। इसके बाद अमावस्या आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही आज रेवती नक्षत्र के साथ इंद्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही चंद्रमा मीन राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे बुध, शनि और मंगल के साथ युति करके चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त और अशुभ मुहूर्तों में राहुकाल, यमगण्ड सहित 16 अप्रैल का संपूर्ण पंचांग…
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
अमांत महीना – चैत्र
पूर्णिमांत महीना – वैशाख
तिथि – चतुर्दशी योग 08:11 पी एम तक, फिर अमावस्या तिथि आरंभ
पक्ष – कृष्ण पक्ष
वार – गुरुवार
नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद – 01:59 पी एम तक, फिर रेवती
योग – इन्द्र – 10:38 ए एम तक, फिर वैधृति
करण
विष्टि – 09:25 ए एम तक
शकुनि – 08:11 पी एम तक
आज का शुभ समय
अभिजित मुहूर्त – 11:55 ए एम से 12:46 पी एम
ब्रह्म मुहूर्त – 04:25 ए एम से 05:10 ए एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:46 पी एम से 07:08 पी एम
आज का अशुभ समय
राहुकाल – 01:57 पी एम से 03:34 पी एम
यमगण्ड- 05:54 ए एम से 07:31 ए एम
गुलिक काल- 09:08 ए एम से 10:44 ए एम
दुर्मुहूर्त- 10:12 ए एम से 11:03 ए एम, 03:21 पी एम से 04:12 पी एम
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 05:54 ए एम
सूर्यास्त – 06:47 पी एम
चंद्रोदय – 05:30 ए एम, अप्रैल 17
चन्द्रास्त- 05:38 पी एम
दिशा शूल- दक्षिण
चंद्र राशि– मीन
सूर्य राशि – मेष
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
