Aaj Ka Panchang 1 May 2026 (पंचांग 1 मई 2026): 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा है। दिन शुक्रवार है, पूर्णिमा रात 10:52 तक रहेगी, फिर ज्येष्ठ मास शुरू होगा। स्वाति नक्षत्र और सिद्धि, व्यातीपात योग बन रहे हैं। चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे। शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त हैं, जबकि राहुकाल, यमगण्ड अशुभ मुहूर्त हैं। इस दिन सत्य व्रत, पूर्णिमा व्रत और कूर्म जयंती भी मनाई जाएगी।
बुद्धिदाता बुध ने किया मंगल की राशि मेष में प्रवेश, जानें मेष से लेकर मीन राशि पर असर
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के साथ शुक्रवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहने वाली है। इसके बाद ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी। आज वैशाख पूर्णिमा के साथ बुद्ध पूर्णिमा भी है। इसके साथ ही आज स्वाति नक्षत्र के साथ सिद्धि, व्यातीपात योग का निर्माण हो रहा है। चंद्रमा आज तुला राशि में ही संचार करेंगे। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त और अशुभ मुहूर्तों में राहुकाल, यमगण्ड सहित 1 मई का संपूर्ण पंचांग…
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक सम्वत – 1948, पराभव
पूर्णिमांत – बैशाख
अमांत – बैशाख
वार- शुक्रवार
त्योहार और व्रत- सत्य व्रत, बुद्ध पूर्णिमा (बुद्ध जयंती), पूर्णिमा व्रत, कूर्म जयंती
तिथि- शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 10:52 पीएम, फिर ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा आरंभ
नक्षत्र- स्वाति -सुबह 02:16 – 2 मई 04:35 एएम
करण
विष्टि – 10:00 एएम
बव – 10:00 एएम– 10:53 पीएम
बालव – 10:53 पीएम – 2 मई 11:49 एएम
योग
सिद्धि – 09:13 पीएम
व्यातीपात – 09:13 पीएम– 2 मई 09:44 पीएम
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 5:57 एएम
सूर्यास्त – 6:50 पीएम
चन्द्रोदय – 6:44 पीएम
चन्द्रास्त – 2 मई 5:53 एएम
आज का अशुभ काल
राहुकाल – 10:47 एएम– 12:24 पीएम
यम गण्ड – 3:37 पीएम– 5:13 पीएम
कुलिक – 7:34 एएम– 9:10 एएम
दुर्मुहूर्त – 08:32 एएम– 09:23 एएम, 12:49 पीएम– 01:41 पीएम
वर्ज्यम् – 08:24 एएम– 10:09 एएम
आज का शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त – 11:58 एएम– 12:49 पीएम
अमृत काल – 06:55 पीएम– 08:41 पीएम
ब्रह्म मुहूर्त – 04:20 एएम– 05:08 एएम
सूर्य राशि- मेष राशि
चंद्र राशि- तुला राशि
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
