Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और पर्वतों को व्यक्ति के स्वभाव और जीवन से जोड़कर देखा जाता है। वहीं आपको बता दें कि हाथ में सूर्य, बुध और शनि पर्वत का विशेष महत्व होता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं राहु पर्वत पर कुछ शुभ निशानों के बारे में, हथेली के बीच वाले हिस्से में राहु पर्वत होता है। हस्तरेखा शास्त्र अनुसार यदि इस स्थान पर कुछ विशेष शुभ निशान मौजूद हों, तो व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान, यश और वैभव मिलने के योग बन सकते हैं। आइए जानते हैं इन चिह्नों के बारे में…

राहु पर्वत कहां होता है?

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार राहु पर्वत हथेली के बीच स्थान में होता है। इसे जीवन के संघर्ष, अचानक होने वाले बदलाव और परिस्थितियों से जुड़ा हुआ माना जाता है। हथेली के इस हिस्से पर बने अलग-अलग निशान अलग- अलग फल देते हैं।

Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में करें ‘पितृ सूक्त’ का पाठ, पितरों के प्रसन्न होने की है मान्यता

  1. त्रिकोण का निशान

यदि राहु पर्वत पर स्पष्ट और विकसित त्रिकोण का निशान दिखाई देता है, तो हस्तरेखा शास्त्र में इसे शुभ संकेत माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा निशान व्यक्ति की परिस्थितियों से सीख लेकर आगे बढ़ने और कठिन समय में सही डिसीजन लेने से जुड़ा माना जाता है। ऐसे लोगों को जीवन में अचानक करियर और कारोबार में अवसर मिलते हैं। साथ ही ऐसे लोग क्रिएटिव माइंडसेट के हो सकते हैं।

पितृ पक्ष में कब है इंदिरा एकादशी, जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण समय और महत्व

  1. राहु पर्वत पर तारे का निशान

हस्तरेखा शास्त्र अनुसार राहु पर्वत पर बना स्पष्ट तारे का निशान भी बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार यह व्यक्ति को अचानक प्रसिद्धि, मान-सम्मान देता है। साथ ही ऐसा व्यक्ति राजनीति में अच्छा नाम कमाता है। इन लोगों के अंदर लीडरशिप क्वालिटी होती है। हालांकि तारे का निशान कैसा बना है और आसपास की रेखाएं कैसी हैं, ये देखना भी जरूरी है।

24 अक्टूबर को धन के दाता शुक्र करेंगे चित्रा नक्षत्र में प्रवेश; तुला, कन्या, मेष और मकर राशि वालों को करियर में तरक्की के साथ धनलाभ के योग

  1. मछली का निशान

यदि राहु पर्वत पर मछली जैसी आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, तो इसे भी शुभ संकेत माना जाता है। यह व्यक्ति के जीवन में सुख-सुविधा, आर्थिक अवसर और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि ऐसे लोगों को विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

12 नवंबर को भूमिपुत्र मंगल करेंगे सिंह राशि में गोचर; वृश्चिक, मेष, सिंह और कुंभ राशि वालों को आर्थिक उन्नति के योग

राहु पर्वत के निशान देखते समय रखें ध्यान

हस्तरेखा शास्त्र में केवल एक निशान देखकर रिजल्ट निकालना उचित नहीं माना जाता। हथेली की प्रमुख रेखाएं, पर्वतों की स्थिति, निशान की स्पष्टता और पूरी हथेली का स्वरूप देखकर ही फलित किया जाता है। इसलिए राहु पर्वत पर कोई निशान होने को फिक्स भविष्यवाणी के बजाय हस्तरेखा मान्यता के रूप में देखना सही रहेगा।