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Surya Grahan 2018 India: भूलकर भी नहीं देखें खुली आंखों से ग्रहण, जानें कैसे किरणे पहुंचा सकती हैं हानि

Solar Eclipse 2018 in India, Surya Grahan 2018: ज्योतिष विद्या के अनुसार जब भी सूर्य और चंद्रमा राहु और केतु से पीड़ित होते हैं तब ग्रहण होता है। सूर्य और चंद्रमा का सीधा और प्रत्यक्ष प्रभाव पृथ्वी पर होता है।

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Solar Eclipse 2018/Surya Grahan 2018 India: सूर्य ग्रहण 15 फरवरी गुरुवार की रात 12.25 मिनट से शुरु होकर 16 फरवरी 4.18 तक रहेगा। वहीं सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पूर्व 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे से शुरु हो जाएगा। ग्रहण को विशेष खगोलीय घटना माना जाता है, इसे देखने के लिए हर कोई उत्साहित रहता है। 15 फरवरी को होने वाला सूर्य ग्रहण साल का दूसरा ग्रहण है, इससे पहले 31 जनवरी 2018 को पूर्ण चंद्र ग्रहण की अनोखी खगोलीय घटना देखने को मिली थी। 15 दिन के भीतर ही दूसरा ग्रहण घटित होने जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रहण आंशिक होगा, जिसमें सूर्य पूर्ण रुप से चंद्रमा से नहीं ढक पाएगा। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य से निकलने वाली किरणें शरीर में भयंकर चर्म रोग भी उत्पन्न कर सकती है। सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से देखने पर नाजुक रेटिना टिशूज डैमेज हो सकते हैं।

सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखा जा सकता, इसी के विपरीत चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से देखने से किसी प्रकार की हानि नहीं होती है। ज्योतिष विद्या के अनुसार जब भी सूर्य और चंद्रमा राहु और केतु से पीड़ित होते हैं तब ग्रहण होता है। सूर्य और चंद्रमा का सीधा और प्रत्यक्ष प्रभाव पृथ्वी पर होता है। सूर्य के प्रकाश से ही पूरा जनजीवन प्रभावित होता है। ग्रहण के दौरान सूर्य से निकलने वाली किरणें नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करती हैं जो शरीर और आंखों के लिए हानिकारक होती हैं। इन प्रभावों से विशेषकर गर्भवती महिलाओं को सावधान रहना चाहिए। इन्हीं किरणों के प्रभाव से सुरक्षा के लिए सूतक काल के समय मंदिर के कपाट बंद रखे जाते हैं।

ग्रहण को टेलीस्कोप से देखना लाभदायक होता है क्योंकि सूर्यग्रहण के समय निकलने वाली किरणें आंखों को अधिक हानि पहुंचाती हैं। सूर्य को ग्रहण के समय देखने से आंखों में मौजूद रेटिना को नुकसान होता है। ग्रहण के समय आंखों के सामने सोलर फिल्टर लगाया जाता है जिससे आंखों की रौशनी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़े। सूर्य ग्रहण को बिना सुरक्षा के देखने के बाद यदि रंगों को पहचानने या देखने में समस्या हो रही हो तो नेत्र चिकित्सक से जरुर सलाह लेनी चाहिए। इसी के साथ यदि आप नजर का चश्मा लगाते हैं तो उसके ऊपर सोलर फिल्टर का प्रयोग अवश्य करें। सूर्य ग्रहण के समय आंखों के प्रति लापरवाही हानिकारक हो सकती है।

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