गुरुग्राम की एक सोसाइटी ने मेंटनेंस ना चुकाने वालों के लिए ऑनलाइन फूड डिलीवरी बैन करने की तैयारी कर ली है। मेंटनेंस डिफॉल्टर्स की लिस्ट भी सार्वजनिक कर दी गई है और सख्ती करते हुए Zomato और Swiggy डिलीवरी समेत कार वॉशिंग और मेड की सर्विसेज पर रोक लगाई जा सकती हैं। एक प्रीमियम टाउनशिप में बकाया ना चुकाने वाले निवासियों की लिस्ट सार्वजनिक होने से विवाद हो गया है।
यह चेतावनी उप्पल साउथएंड में चल रही एक असामान्य सार्वजनिक कार्रवाई का हिस्सा है जहां मुख्य गेट के बाहर बड़े पीले बोर्ड पर काले मोटे अक्षरों में बकायेदार निवासियों के नाम लिखे गए हैं। इस टाउनशिप में फ्लैट और बिल्डर फ्लोर की कीमत कम से कम 2 करोड़ रुपये है और यह अल्ट्रा-लक्ज़री एन्क्लेव DLF कैमेलियाज से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इस बोर्ड पर सिर्फ बकायेदारों के नाम ही नहीं लिखे गए हैं बल्कि उनके लिए तय किए गए परिणामों की भी स्पष्ट जानकारी दी गई है।
RWA द्वारा जारी नोटिस में लिखा है, ”कृपया ध्यान दें कि आज से सभी गैर-जरूरी सर्विसेज- जिनमें मेड सेवाएं, कार वॉशिंग और Zomato व Swiggy जैसी डिलीवरी सेवाएं शामिल हैं, बकाया राशि पूरी तरह चुकाने तक निलंबित रहेंगी। जिन निवासियों का पेमेंट बकाया है और जिनके नाम नोटिस बोर्ड पर लिखे गए हैं, उनसे अनुरोध है कि वे जल्द से जल्द अपनी बकाया राशि का भुगतान करें।”
इसके अलावा नोटिस में लिखा है, ”RWA के सामाजिक कार्यक्रमों में बकायेदारों और PG निवासियों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।”
कुछ निवासियों ने कई सालों से मेंटनेंस बकाया नहीं चुकाया है। कुछ मामलों में पेमेंट 2012 और 2009 से लंबित है जिसमें बकाया राशि 1 लाख रुपये से भी ज्यादा हो चुकी है।
RWA का यह फैसला इस टाउनशिप में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ निवासी गेट पर रुककर नामों की लिस्ट पढ़ते नजर आते हैं जबकि कुछ लोग गाड़ी से गुजरते हुए बस एक नजर डाल लेते हैं। बोर्ड को देखते हुए एक निवासी ने कहा, ”इतने सारे लोगों ने भुगतान नहीं किया है। यह अच्छा है, शायद अब वे भुगतान करना शुरू करें।” रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के मुताबिक, यह तरीका पहले भी कारगर साबित हुआ है।
आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट कर्नल सुरेंद्र कुमार यादव ने कहा, ”हमने 2023 में भी ऐसा ही एक बोर्ड लगाया था और उस समय भी कई लाख रुपये बकाया वसूल पाए थे। अब एक बार फिर बकाया राशि काफी बड़ी हो गई है। कोई भी विरोध नहीं कर रहा। हम नागरिकों को बकाया चुकाने के लिए समझा रहे हैं। हमने अभी डिलीवरी और मेड की सेवाएं चालू रखी हैं क्योंकि कुछ वर्कर कई अलग-अलग घरों में काम करते हैं।”
लंबे समय से सोसाइटी में रह रहे अनिल रस्तोगी ने कहा कि टाउनशिप के कामकाज को चालू रखने के लिए बकाया मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा, ”हमारी टाउनशिप कई सुविधाओं के लिए नागरिक निकायों पर निर्भर है, इसलिए इन बकाया राशियों का मिलना जरूरी है। कुछ लोगों ने लंबे समय से भुगतान नहीं किया था जिससे दिक्कत हो रही थी। लेकिन अब वे धीरे-धीरे समझने लगेंगे।”
हालांकि, RWA के एक पूर्व सदस्य का मानना है कि मौजूदा तरीका कुछ ज्यादा ही सख्त है। RWA के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राजेश खटाना ने कहा, ”हमारे समय में हम लंबित बिलों को लेकर हर हफ्ते रिमाइंडर भेजते थे, बकाया पर मासिक बैठकें करते थे और शिकायत निवारण सत्र (grievance redressal sessions) भी आयोजित करते थे। अब बिना ठीक से याद दिलाए और सूचना दिए, निवासियों के नाम सार्वजनिक कर दिए जा रहे हैं।”
हालांकि, टाउनशिप के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों का कहना है कि इन पाबंदियों को सख्ती से लागू करना मुश्किल हो सकता है।
एक गार्ड ने कहा, ”बोर्ड पर कुछ भी लिखा हो लेकिन हम लोगों को भूखा तो नहीं रख सकते, है ना?”
