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देश विरोधी गतिविधियों में शामिल एक युवक गिरफ्तार

पहले से एक्टिवेटिड सिम कार्ड को कथित रूप से बेचने वाले दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कुछ सिमकार्ड का प्रयोग पाकिस्तान के आइएसआइ के संदिग्ध रूप से समर्थित जासूसी गिरोह के हाथों प्रयोग भी किया गया.

Author नई दिल्ली | December 31, 2015 1:19 AM
दिल्ली पुलिस (फाइल फोटो)

पहले से एक्टिवेटिड सिम कार्ड को कथित रूप से बेचने वाले दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कुछ सिमकार्ड का प्रयोग पाकिस्तान के आइएसआइ के संदिग्ध रूप से समर्थित जासूसी गिरोह के हाथों प्रयोग भी किया गया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इसका खुलासा किया है।

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रवींद्र यादव के मुताबिक गिरफ्तार युवक की पहचान अंकुश खंडेलवाल के रूप में हुई है, जो बाहरी दिल्ली के रोहिणी के सेक्टर पांच का निवासी है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अक्तूबर में भंडाफोड़ किए गए जासूसी गिरोह के संबंध में गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस व्यक्ति का नाम सामने आया। पुलिस ने खंडेलवाल के पास से 205 पहले से एक्टिवेटिड सिमकार्ड और मतदाता पहचान पत्र सहित 28 फर्जी दस्तावेज बरामद किए। खंडेलवाल राजस्थान के अलवर का रहने वाला है और उसने राजनीतिक विज्ञान में परास्नातक की डिग्री हासिल की है। गिरफ्तार खंडेलवाल के खिलाफ धोखधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है।

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पुलिस के मुताबिक उसने पहले से एक्टिवेटिड सिम कार्ड करीब पांच पांच सौ रुपए में बेचे। उन्होंने कहा कि जासूसी मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अफगानिस्तान – पाकिस्तान क्षेत्र का पाकिस्तानी खुफिया सदस्य यहां आइएसआइ के समर्थित जासूसी गिरोह के एजेंटों से संपर्क के लिए दिल्ली से जारी सिमकार्ड का प्रयोग कर रहा था। आगे की जांच में खुलासा हुआ कि संबंधित सिमकार्ड फर्जी पहचान पत्र पर हासिल किया गया।

दिल्ली पुलिस ने पंजाब के भटिंडा से सोमवार को वायुसेना के एक बर्खास्त अधिकारी को गिरफ्तार किया, जिसने इस गिरोह के चंगुल में फंसने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजंसी आइएसआइ द्वारा संदिग्ध रूप से समर्थित खुफिया सदस्यों के साथ गुप्त सूचनाएं कथित रूप से साझा कीं। आरोपी की पहचान रंजीत केके के रूप में हुई, जो भटिंडा में तैनात वायुसेना का एक प्रमुख एअरक्राफ्ट मैन था।

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