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उन्नाव कांड : युवक और नाबालिग साथी गिरफ्तार

दो किशोरियों की अंत्येष्टि शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कर दी गई। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष राजकिशोर रावत, स्थानीय विधायक अनिल सिंह व पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद थे।

Author उन्नाव | February 20, 2021 3:13 AM
crime in unnao, up crimeउन्नाव घटना पर जानकारी देतीं आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम रवींद्र कुमार। (पीटीआई फोटो)

उन्नाव में दो दलित लड़कियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पड़ोस के गांव के निवासी एक युवक और उसके एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया गया है। इस कांड में पीड़ित तीसरी लड़की का अस्पताल में इलाज चल रहा है। लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह ने शुक्रवार को बताया कि उन्नाव जिले में असोहा इलाके के बबुरहा गांव के बाहर दो किशोरियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पड़ोस के गांव पाठकपुर के निवासी युवक विनय और उसके एक नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह वारदात एकतरफा प्रेम प्रसंग को लेकर हुई। इसमें लड़कियों को पानी में कीटनाशक मिलाकर पिलाया गया था।

लक्ष्मी सिंह ने कहा कि विनय पीड़ित लड़कियों में से एक से एकतरफा लगाव रखता था और उसने उसके सामने प्रेम प्रस्ताव रखा था, जिसे लड़की ने ठुकरा दिया था। इसके बाद वह उसके प्रति दुर्भावना रखने लगा था।

लक्ष्मी सिंह ने बताया कि दोनों को स्थानीय पुलिस, स्वाट टीम व लखनऊ जोन की सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर पाठकपुर तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस महानिरीक्षक के मुताबिक विनय कुमार ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वह उन लड़कियों में से एक से एकतरफा प्रेम करता था लेकिन प्रेम प्रस्ताव ठुकराए जाने और मोबाइल नंबर देने से इनकार किए जाने की वजह से वह उससे बेहद नाराज था और उसने उस लड़की को जान से मारने का मन बना लिया था।

विनय के मुताबिक घटना वाले दिन उसने घर से लाई गई पानी की बोतल में कीटनाशक मिला दिया था और अपने नाबालिग दोस्त से नमकीन मंगवाकर खेत पर आया था जहां पहले से ही तीनों लड़कियां चारा काट रही थीं। उसने उन लड़कियों को बुलाकर नमकीन खिलाई। उन्होंने जब पानी मांगा तो उसने उस लड़की को पानी पीने को दे दिया जिसे वह चाहता था, लेकिन देखते ही देखते बाकी दोनों लड़कियों ने भी वह पानी पी लिया, जिससे उन दोनों की मौत हो गई।

पुलिस ने घटनास्थल से बरामद पानी की बोतल, नमकीन व सिगरेट के पैकेट, और पान मसाले के पाउच फॉरेंसिक टीम के हवाले किए थे। बताया गया कि सीडीआर रिपोर्ट में भी विनय के घटनास्थल पर होने की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि असोहा थाना इलाके के बबुरहा गांव में गत 17 फरवरी की शाम खेतों पर घास लेने गईं तीन दलित किशोरियों के एक खेत में संदिग्­ध अवस्­था में बेसुध पाए जाने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। चिकित्­सकों ने इनमें से कोमल (15) और काजल (14) को मृत घोषित कर दिया था, जबकि रोशनी (16) की हालत गंभीर देखकर उसे उन्­नाव अस्­पताल ले जाया गया और बाद में कानपुर भेजा गया।

दो किशोरियों की अंत्येष्टि शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कर दी गई। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष राजकिशोर रावत, स्थानीय विधायक अनिल सिंह व पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद थे। सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की थी और गांव के करीब एक किलोमीटर पहले ही अवरोधक लगा दिए गए थे।

पुलिस क्षेत्राधिकारी और मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी हर अवरोधक पर लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह, लखनऊ के मंडल आयुक्त रंजन कुमार, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी के अलावा, जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी और छह थानों के पुलिस बल लगातार नजर बनाए हुए थे। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया, ‘गुरुवार को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों से बात की गई थी, लेकिन उनके परिवार का एक सदस्य बाहर से आने वाला था और सूर्यास्त हो जाने का हवाला देकर परिजन अंत्येष्टि नहीं करना चाह रहे थे। इस पर उनकी इच्छा के अनुसार शुक्रवार सुबह अंत्येष्टि की गई।

पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा किसी तरीके का कोई दबाव पीड़ित परिवार पर नहीं बनाया गया है। उनकी इच्छा के अनुरूप और जैसा वह चाहते थे उसी तरह से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हुई है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्नाव के पुलिस अधीक्षक से दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

क्षेत्रीय विधायक अनिल सिंह ने कहा कि मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मृतक बालिकाओं के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और अस्पताल में भर्ती किशोरी का पूरा खर्च शासन द्वारा दिए जाने के अलावा परिजनों को 2 लाख रुपए का चेक भेजा गया है। इसके अलावा अनिल सिंह द्वारा परिजनों को 50-50 हजार रुपए व 1-1 बीघा जमीन और आवास देने का भी आश्वासन दिया गया।

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