उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सहारनपुर में थे। यहां उन्होंने सुहाने मौसम और बूंदाबांदी के बीच करीब तीस मिनट तक कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अयोध्या के राम मंदिर दान की लूट में शामिल किसी भी अपराधी को नहीं छोड़ेगी।
सहारनपुर में 613 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मौके उन्होंने कहा, “2017 से पहले की सरकारों के पास पैसा था, लेकिन विकास का दृष्टिकोण नहीं था। समाजवादी पार्टी के गुर्गे पैसा खा जाते थे या यह पैसा कब्रिस्तान की चारदीवारी के लिए चला जाता था। आज उसी पैसे से मां शाकंभरी कॉरिडोर तैयार हो रहा है।”
याद दिलाई मुरादाबाद में DIG पर हमले की घटना
योगी ने कहा कि 2017 से पहले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा में दंगे होते थे और दंगा व कर्फ्यू हमारी नियति बन चुकी थी। उन्होंने कहा कि कैराना से पलायन होता था और ये सभी क्षेत्र हिंदू विहीन बना दिए गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”तब न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी सुरक्षित था। कानून व्यवस्था तहस नहस हो चुकी थी। याद करिये 2011-12 में मुरादाबाद में डीआईजी पर हमला हुआ। मरा हुआ समझकर उपद्रवी उन्हें वहां छोड़ कर चले गए।”
उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी की सरकार ने इन उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया। वह इनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का प्रयास कर रही थी। हमारी सरकार बनी और हमने कहा उपद्रवियों को नहीं छोड़ेंगे।”
‘राम मंदिर मामले पर घड़ियाली आंसू बहा रहे सपा कांग्रेस’
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सपा और कांग्रेस को जमकर लताड़ा और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। योगी ने कहा कि इन्होंने कारसेवकों पर गोलियां चलाईं और कोर्ट में लिखकर दे दिया कि श्रीराम और श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। योगी ने पूछा कि इन दोनों की आस्था तब कहां चली गई थी जो आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। जब कांवड़ यात्रा को रोकते थे, तब आस्था का ख्याल नहीं आया।
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योगी ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सचमुच अपने आप को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा वृंदावन पर खुलकर बोलिए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
