उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने ‘अजान‘ को लेकर दिए गए बयान पर विवाद छिड़ने के बाद प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने जो नियम बनाए हैं, उनसे आम लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
जयवीर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उस बैठक में हम लोगों कहा कहना यही था कि हर किसी को अपने मजहब, धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों का पालन करने का हक है लेकिन किसी दूसरे धर्म के लोगों को परेशान करने और जोर-जबरदस्ती के काम करने का अधिकार नहीं है।
हमने सीमित ध्वनि गति का फैसला किया- जयवीर सिंह
धर्म स्थलों पर इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकरों पर जयवीर सिंह ने कहा कि यूपी सरकार ने सीमित ध्वनि गति को लेकर निर्णय लिया। इसके अलावा बिना उपजिलाधिकारी या थाने के सहमति के बिना सड़कों पर होने वाले आयोजनों को रोक लगाने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह नियम जनहित में जरूरी थ। अब लोग इन नियमों से राहत महसूस कर रहे हैं।
‘अगर नमाज पढ़नी आवश्यक है तो शिफ्ट में पढ़िए’
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार सिस्टम के साथ पूरी व्यवस्था को जोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि यूपी में किसी भी व्यक्ति को चौराहे पर आकर यातायात को रोकने और आवागमन को बाधित करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर नमाज पढ़नी जरूरी है तो शिफ्ट में पढ़िए, किसी को सड़क रोकने नहीं देंगे। सड़कें चलने के लिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सड़कों पर अराजकता फैलने नहीं देंगे, प्यार से मानेंगे तो ठीक वरना दूसरा तरीका अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का काम संवाद बनाना है, संवाद से मानेंगे तो ठीक नहीं तो संघर्ष से भी देख लो।
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बदायूं के बिसौली गांव में एक मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाकर अजान की मांग से संबंधित आवेदन एसडीएम के समक्ष किया गया, जिसे एसडीएम ने खारिज कर दिया था। इसके बाद इरफान ने इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
