मोदी के बाद योगी भी कर सकते हैं कैबिनेट विस्तार, संजय निषाद, जितिन प्रसाद के मंत्री बनने की अटकलें

उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल का जल्द विस्तार हो सकता है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस से भाजपा में आए जितिन प्रसाद और संजय निषाद को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

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ब्लॉक चुनाव में जीत के बाद जश्न मनाते योगी। क्रेडिट- पीटीआई

केंद्र में मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में भी नए मंत्री बन सकते हैं। संकेत मिल रहे हैं कि आगामी चुनावों को देखते हुए योगी आदित्यनाथ जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इसी महीने के अंत तक या अगले महीने के शुरू में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। जानकारी के मुताबिक योगी कैबिनेट में 6 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं।

टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। वहीं कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं।

संजय निषाद पहले मोदी मंत्रिमंडल में मंत्रिपद की मांग कर रहे थे। हालांकि वहां उन्हें निराशा हाथ लगी। यूपी में वह उपमुख्यमंत्री पद भी मांग रहे थे। बाद में वह आरक्षण के मुद्दे को लेकर भाजपा को घेरने लगे। अब भाजपा मंत्रिपद देकर अपने सहयोगियों को संतुष्ट करने का प्रयास कर सकती है।

माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चार और चेहरे ओबीसी और एससी हो सकते हैं। 2022 के चुनाव से पहले भाजपा की नजर ओबीसी वोट बैंक पर भी है। प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में भी इस बात का खयाल रखा गया है। इसी तर्ज पर योगी का कैबिनेट विस्तार होने की भी संभावना है।

बता दें कि यूपी भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह दिल्ली आए थे। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी की थी। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में कई नामों पर चर्चा हुई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में एमएलसी की चार सीटें खाली हैं। इनपर मुख्यमंत्री की सिफारिश पर राज्यपाल मनोनयन करेंगे। बताया जा रहा है कि चार नामों में से दो नाम जितिन प्रसाद और संजय निषाद हो सकते हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल विस्तार में पूर्वांचल और बुंदेलखंड से चेहरे हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा रूठे नेताओं को मनाने का हर संभव प्रयास करेगी। वहीं मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय समीकरण को साधने का भी प्रयास किया जा सकता है।

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