उत्तर प्रदेश में योगी मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। मंत्रिमंडल में 6 नए चेहरों को जगह मिली है, जबकि दो मंत्रियों का प्रमोशन हुआ है। 10 मई 2026 को दो विधायकों ने कैबिनेट मंत्री, चार ने राज्य मंत्री और दो विधायकों ने राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार की शपथ ली। बीजेपी ने वाल्मीकि और विश्वकर्मा समाज से आने वाले दो नेताओं को कैबिनेट में पहली बार एंट्री दी है। वहीं पश्चिमी यूपी को साधने का पूरा प्रयास किया गया है। जिन 6 नए चेहरों को जगह मिली है उसमें से चार पश्चिमी यूपी से आते हैं। वहीं प्रमोशन पाए दो मंत्रियों में से एक पश्चिमी यूपी से हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 24 जिलों की 126 सीटों में से बीजेपी ने 100 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन 2022 में पार्टी को झटका लगा और उसने केवल 85 सीटों पर ही जीत दर्ज की। हालांकि फिर भी समाजवादी पार्टी और रालोद की तुलना में उसने अधिक सीटें जीती थीं।
किन्हें मिली मंत्रिमंडल में जगह?
योगी मंत्रिमंडल में भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री। जबकि हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोट करके राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया।
भूपेंद्र चौधरी
भूपेंद्र चौधरी, पंकज चौधरी से पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे। भूपेंद्र चौधरी जाट चेहरे हैं और जाट वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी ने एक बार फिर से उन पर भरोसा बताया है। भूपेंद्र चौधरी दो बार एमएलसी बन चुके हैं। 2017 में जब पहली बार योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने थे, तब भी भूपेंद्र चौधरी को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। किसान आंदोलन से ही जाट समाज की बीजेपी से नाराजगी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में बीजेपी ने जाट चेहरे के रूप में उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया है। भूपेंद्र चौधरी मुरादाबाद से आते हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जाट बहुल सीटों पर नुकसान भी हुआ था। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी मुजफ्फरनगर, कैराना, मुरादाबाद जैसी सीटें हार भी गई थी। बीजेपी का पश्चिमी यूपी में पूरा फोकस अब जाट वोट बैंक पर है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी ने जयंत चौधरी की आरएलडी के साथ गठबंधन किया था और अब भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाकर पार्टी ने जाट वोटों को लामबंद करने का प्रयास किया है।
मनोज पांडे
मनोज पांडे को भाजपा ने योगी मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया है मनोज पांडे रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं 2022 का चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लादकर जी हासिल की थी हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा को समर्थन दे दिया था दर्शन राज्यसभा चुनाव हुए थे और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया था वोट करने से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी के विधानसभा में मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दिया था मनोज पांडे कभी अखिलेश यादव के काफी करीबी हुआ करते थे मनोज पांडे को मंत्री बनाकर भाजपा ने इस नेगेटिव को दोस्त करने का प्रयास किया है कि ब्राह्मण योगी सरकार से नाराज चल रहा है।
मनोज पांडे ने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत भाजपा से ही की थी। 2001 में वह नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष चुने गए थे। हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। उसके बाद से तीन बार विधायक चुने गए। क्षेत्र में मनोज पांडे की पहचान सेल्फ मेड पॉलिटिशियन की है। ऊंचाहार के साथ-साथ आसपास की सीटों पर भी ब्राह्मण वोटरों में उनकी अच्छी पकड़ है। हालांकि ब्राह्मण समाज 2014 से ही बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ा हुआ है। लेकिन बीते कुछ सालों में एक नैरेटिव सेट करने की कोशिश विपक्ष की ओर से की गई कि ब्राह्मण समाज हाशिये पर है और असुरक्षित है। इसको नैरेटिव को ध्यान में रखते हुए और ध्वस्त करने के लिए मनोज पांडे को कैबिनेट में जगह दी गई है।
सुरेंद्र दिलेर
सुरेंद्र दिलेर उत्तर प्रदेश की खैर विधानसभा सीट से विधायक हैं। यह सीट अलीगढ़ में आती है। 2024 में हुए उपचुनाव में सुरेंद्र दिलेर ने जीत हासिल की थी। सुरेंद्र दिलेर अनुसूचित जाति के वाल्मीकि समाज से आते हैं और इकलौते वाल्मीकि विधायक हैं। उनके दादा भी भाजपा और जनसंघ से जुड़े रहे हैं। सुरेंद्र दिलेर 2024 में पहली बार विधायक बने। बीजेपी ने एक संदेश देने की कोशिश की है कि हमने मंत्रिमंडल में वाल्मीकि समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया है। वाल्मीकि समाज बीजेपी का कोर वोट बैंक है और नॉन जाटव दलित में पासी जाति के बाद दूसरी सबसे अधिक आबादी वाली जाति है।
कृष्णा पासवान
कृष्णा पासवान को योगी सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया है। कृष्णा पासवान तेज तर्रार महिला नेता हैं और फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से तीसरी बार विधायक चुनी गई हैं। कृष्णा पासवान शुरू से पार्टी से जुड़ी रही हैं और पासी समाज से आती हैं जो कि दलित जाति का एक वर्ग है. नॉन जाटव दलित में पासी समुदाय की आबादी सबसे अधिक है। 2022 और 2024 के चुनाव में पासी समाज के वोटर बीजेपी से छिटक गए थे और उसका नुकसान भी पार्टी को उठाना पड़ा। कौशांबी, इलाहाबाद, भदोही, फतेहपुर, जालौन प्रतापगढ़ में बीजेपी को नुकसान भी हुआ।
पासी समाज के वोटर अच्छी संख्या में बिहार में भी रहते हैं, ऐसे में बीजेपी ने चुनाव से पहले कृष्णा पासवान को मंत्रिमंडल में शामिल कर पासी समाज को लामबंद करने का प्रयास किया है। 2014, 2017 और 2019 के चुनाव में पासी समाज ने बीजेपी को जमकर वोट किया। उसका फायदा भी पार्टी को मिला। हालांकि जब 2022 और 2024 में पासी समाज पार्टी से छिटका तो उसका नुकसान भी हुआ। अब बीजेपी का प्रयास है कि फिर से पासी समाज को एकजुट कर अपने पक्ष में लाना है।
हंसराज विश्वकर्मा
योगी मंत्रिमंडल में वाराणसी के जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा को भी शामिल किया गया है। उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है। वर्ष 2016 से हंसराज विश्वकर्मा वाराणसी के जिला अध्यक्ष हैं और राज्यपाल द्वारा विधान परिषद मनोनीत सदस्य भी हैं। हंसराज विश्वकर्मा ओबीसी समुदाय से आते हैं और काशी में ओबीसी और अति पिछड़ा वोटरों को संगठित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के हैं, ओबीसी समाज से आते हैं और बीते दो चुनाव में ओबीसी वोट बैंक जो बीजेपी से छिटका है, उसको लामबंद करने के प्रयास में हंसराज विश्वकर्मा को योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है।
2023 में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की सौगात दी थी। इसमें 18 तरह के व्यवसाय से जुड़ी 18 जातियों को सीधा लाभ दिया गया था। लोकसभा चुनाव 2024 में काशी क्षेत्र की 13 विधानसभा सीटों में से बीजेपी 10 पर पीछे थी। माना जा रहा है कि इन सभी समीकरण को ध्यान में रखते हुए हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री बनाया गया है।
कैलाश राजपूत
योगी मंत्रिमंडल में कैलाश राजपूत को भी जगह मिली है। कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक कैलाश राजपूत पहली बार मंत्री बने हैं। कैलाश राजपूत लोधी समाज से आते हैं, जिनकी पश्चिमी यूपी में अच्छी खासी आबादी है। कैलाश राजपूत 1996 में बीजेपी के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए थे। हालांकि 2007 में बीएसपी में शामिल हो गए और फिर से विधायक बन गए। 2012 में सपा में भी रहे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2017 में वह फिर से बीजेपी में आए और जीत हासिल की।
लोधी समाज बीजेपी का कोर वोटर है। इसी जाति से कल्याण सिंह भी आते थे जो हिंदुत्व का बड़ा चेहरा थे। बीजेपी ने लोधी समाज से आने वाले कैलाश राजपूत को मंत्री बनाकर इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, बुलंदशहर, एटा और अन्य इलाकों में लोधी समाज को साधने का प्रयास किया है।
दो नेताओं को मिला प्रमोशन
अजीत पाल
योगी सरकार में राज्य मंत्री रहे अजीत पाल का प्रमोशन हुआ है और उन्हें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी मिली है। अजीत पाल गड़रिया समाज से आते हैं, जो ओबीसी वर्ग की जाति है। अजीत पाल सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके पिता भी प्रदेश के बड़े नेता थे और बसपा सरकार में मंत्री रह चुके थे। पाल समुदाय की आबादी कानपुर देहात, अकबरपुर, सीतापुर, फतेहपुर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी खासी संख्या में है। अजीत पाल को प्रमोशन देकर सीएम योगी ने गैर यादव पिछड़ा वोटरों को लामबंद करने का प्रयास किया है।
सोमेंद्र तोमर
सोमेंद्र तोमर मेरठ दक्षिण सीट से दूसरी बार विधायक बने हैं। 2022 में योगी सरकार में राज्य मंत्री बने थे और अब उनका प्रमोशन कर उन्हें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी दी गई है। सोमेंद्र गुर्जर वर्ग से आते हैं। यह एक ऐसी जाति है जो पश्चिमी यूपी के कई जिलों में निर्णायक है। सोमेंद्र तोमर एबीवीपी से निकले हुए नेता है और युवा चेहरे के तौर पर क्षेत्र में सक्रिय हैं। 2022 में भाजपा मेरठ, सरधना समेत पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर हार गई थी। माना जा रहा है कि इन सीटों पर गुर्जर आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है और इस बार उसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने गुर्जर समाज को लुभाने का प्रयास किया है। दादरी, मेरठ, कैराना, शामली, बुलंदशहर समेत आसपास के इलाकों में गुर्जर समुदाय अच्छी संख्या में रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विधानसभा चुनाव से पहले सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन मिला है।
बीते कुछ सालों से समाजवादी पार्टी भी गुर्जर समाज के बीच पकड़ मजबूत कर रही है। अतुल प्रधान को पार्टी ने पहले विधायक बनाया और उसके बाद राजकुमार भाटी के जरिए पार्टी समुदाय में पहुंच बनाने का प्रयास कर रही है। बीजेपी ने इसको भी ध्यान में रखते हुए सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन दिया है।
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चुनाव से पहले इस कैबिनेट विस्तार को जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के साधने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर
