OP Rajbhar on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार में हुई भर्तियों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर योगी सरकार आक्रामक है। योगी सरकार में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।

योगी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट लिखा और सपा सरकार के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सपा सरकार के दौरान हुई सरकारी भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि उस दौर में अति पिछड़ा समाज सबसे ज्यादा पीड़ित हुआ।

ओपी राजभर ने फेसबुक पर लिखा पोस्ट

ओम प्रकाश राजभर ने ‘महल खड़े हैं जिन हाथों से, उन हाथों में छाले क्यों हैं?’ लाइन से अपने पोस्ट की शुरुआत की। उन्होंने लिखा कि यह सवाल पूरे अति पिछड़ा समाज की ओर से अखिलेश यादव से है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में ‘ऐतिहासिक नियुक्ति घोटाला’ हुआ, जिसने गैर-यादव पिछड़े वर्ग के लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ दिया।

ओम प्रकाश राजभर ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए लिखा कि वह गांव की मिट्टी से आते हैं और लंबे समय तक टेम्पो चलाकर परिवार और समाज के लिए संघर्ष किया है, गरीबी को बहुत करीब से देखा और जिया है। राजभर ने अपने पोस्ट में दावा किया कि अति पिछड़े परिवार अपने बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए गहने तक गिरवी रख देते थे।

‘नौकरी में होती थी वसूली’

ओम प्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, “गरीब परिवारों के बेटे-बेटियां लालटेन और ढिबरी की रोशनी में रात-रात भर पढ़ाई करते थे लेकिन सपा सरकार में उन्हें मेहनत का न्याय नहीं मिला।” राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार में कुशवाहा, राजभर, निषाद, मौर्य, लोहार, कहार, बिंद, प्रजापति, गोंड और कश्यप जैसे समाजों के युवाओं से नौकरियों के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।

राजभर ने अखिलेश यादव के कार्यकाल को लेकर दावा किया कि हर विभाग में दलाल और एजेंट सक्रिय थे, जो ‘ऊपर तक पैसा पहुंचाने’ का काम करते थे। उन्होंने कहा कि उस समय कोई भी सरकारी भर्ती निकलते ही गांव-गांव में ‘सेटिंग’ कराने वाले लोग सक्रिय हो जाते थे। योगी के मंत्री ने आरोप लगाया कि एसडीएम से लेकर चपरासी तक की भर्ती में संगठित तरीके से वसूली होती थी।

सुभासपा प्रमुख ने यह भी कहा कि अखिलेश सरकार में मनमानी का आलम ये था कि कई गरीब परिवार पैसे देने के बाद भी नौकरी नहीं पा सके। जब लोग अपना पैसा वापस मांगने गए तो उन्हें धमकाकर भगा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ‘न थाना सुनता था, न प्रशासन।’ पोस्ट में उन्होंने सपा शासनकाल को गुंडाराज, जंगलराज और माफियाराज से जोड़ते हुए कहा कि उस दौर में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी।

यूपी के लड़के का कश्मीर में धर्म परिवर्तन

जम्मू कश्मीर में एक हिंदू नाई के धार्मिक धर्मांतरण मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने कुपवाड़ा जिले में 18 वर्षीय के एक नाई के कथित तौर पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए एक मामला दर्ज कर लिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें