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यूपी: 2500 से ज्यादा मदरसों पर कार्रवाई की तैयारी में योगी सरकार, रद्द कर सकती है मान्यता

मदरसा शिक्षा परिषद ने फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए एक साइट बनाई थी। 15 अक्टूबर तक इस पर 16461 मदरसों ने अपने से जुड़ा ब्यौरा मुहैया कराया।

यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ। (REUTERS/Jitendra Prakash

उत्तर प्रदेश में 2500 से अधिक मदरसों पर जल्द ही गाज गिरने वाली है। सूबे की योगी सरकार इसके लिए तैयारियां कर रही है। सरकार ने यह कदम फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाया है, जिसके तहत 2632 मदरसों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो आखिरी तारीख से पहले वेबसाइट पर मदरसे के ब्यौरे से जुड़ी जानकारी न अपलोड करने पर उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। साइट पर ब्यौरा देने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर थी। यह पहला मौका नहीं है, जब योगी सरकार ने इस तरह का फैसला लिया हो। सितंबर में इससे पहले प्रदेश के 46 मदरसों को मिलने वाली सरकारी सहायता पर रोक लगा दी गई थी। जांच रिपोर्ट में मानक के अनुकूल उन मदरसों में कमी देखने को मिली थी।

दरअसल, मदरसा शिक्षा परिषद ने फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए madarsaboard.upsdc.gov.in नाम की एक साइट तैयार कराई थी। 15 अक्टूबर तक इस पर 16461 मदरसों ने अपनी-अपनी जानकारी मुहैया कराई। लिहाजा वे ही सरकार से मिलने वाली मान्यता और अनुदान पा सकेंगे। वहीं, 2682 मदरसों की मान्यता ब्यौरा न देने के चलते रद्द की जाएगी। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने इस बाबत कहा कि जिन मदरसों ने साइट पर अपना ब्यौरा दे दिया है, सिर्फ उन्हीं की मान्यता बरकरार रहेगी। बाकी के मदरसों पर कार्रवाई होगी। आखिरी तारीख तक कुल 32,483 शिक्षकों का डाटा आधार लिंक से अपलोड हुआ है।

प्रदेश में उच्च आलिया, आलिया, फौकानियां और तहतानियां स्तर के तकरीबन 19143 मदरसे हैं। साइट पर शिक्षकों, शैक्षणिक कर्मियों और छात्रों की जानकारी के साथ इमारत की तस्वीर और कक्षा की माप से जुड़ी बातें भी बतानी थीं। हालांकि, बीच में साइट पर कुछ गड़बड़ियां देखने को मिलीं, जिसके चलते मदरसा बोर्ड ने अंतिम तारीख 20 सितंबर के बजाए 15 अक्टूबर कर दी थी। खास बात है कि नए नियमों के अनुसार मदरसों के शैक्षणिक कर्मियों को ऑनलाइन के जरिए से ही तनख्वाह मिलनी थी, लिहाजा उनका वहां पर ब्यौरा देना अनिवार्य था।

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