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यूपी: बैठक में नहीं आया था अधिकारी, बिफरे योगी ने कहा- उन्‍हें आराम ही करने दो

बैठक में राहत आयुक्त संजय कुमार के मौजूद न रहने से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Author September 21, 2018 5:17 PM
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के शासी निकाय की बैठक में राहत आयुक्त संजय कुमार के मौजूद न रहने से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें हटाने का निर्देश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक का एजेंडा राहत आयुक्त संजय कुमार को प्रस्तुत करना था, लेकिन वह बैठक में नहीं आए। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के शासी निकाय की गुरुवार को बैठक हुई। कई मंत्री हाल ही में पुनर्गठित शासी निकाय के सदस्य हैं। इस बैठक में संजय कुमार के न आने की सूचना पर मुख्यमंत्री बिफर गए।  उन्होंने जब राहत आयुक्त के बैठक में न आने का कारण पूछा तो अफसरों ने दलील दी कि बैडमिंटन खेलने के दौरान उनका कंधा डिसलोकेट हो गया है, जिसके कारण वह बैठक में नहीं आ सके। मुख्यमंत्री इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने यह कहते हुए उन्हें हटाने का निर्देश दिया कि फिर उन्हें आराम करने के लिए भेज दीजिए। गौरतलब है कि योगी सरकार में शासी निकाय की यह पहली बैठक थी। बैठक में राहत आयुक्त के न आने से मुख्यमंत्री का पारा गर्म हो गया। सूत्रों के मुताबिक, राहत आयुक्त संजय कुमार के बारे में मुख्यमंत्री को पहले ही कई शिकायतें मिली थीं।

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी कार्यो में होने वाले खर्च में कटौती की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने अनुपयोगी पदों को समाप्त करने और सरकारी खर्चो में कटौती को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने इस संबंध में एक विस्तृत शासनादेश जारी किया है। उन्होंने समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।

उन्होंने कहा है कि चिकित्सा व पुलिस विभाग को छोड़कर अन्य विभागों में नए पद स्वीकार न किए जाएं। चतुर्थ श्रेणी के रिक्त हो रहे पदों पर नियमित नियुक्ति न करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने पांच सितारा होटल में राजकीय भोज आयोजित न करने, सम्मेलन, सेमिनार व कार्यशालाएं होटलों की जगह सरकारी भवनों में करने, सरकारी काम के लिए हवाई यात्रा इकॉनमी क्लास में ही करने को कहा है।

पांडेय ने कहा है कि प्रदेश के संशाधनों का अधिकतम उपयोग विकास कार्यो में करने के लिए प्रशासनिक खचोर्ं में कमी लाया जाना जरूरी है। इसके लिए शासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं जिसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।  उन्होंने कहा है कि कई विभागों के कार्यभार में भी कमी आई है। ऐसे में बदले परिवेश में अनुपयोगी पदों को चिह्न्ति कर समाप्त किया जाएं और ऐसे पदों पर कार्यरत कर्मियों को अन्य पदों या अन्य विभागों में समायोजित करने की कार्यवाही प्राथमिकता के साथ की जाए।

मुख्य सचिव का यह आदेश सरकारी विभागों व कार्यालयों के साथ-साथ समस्त सार्वजनिक उपक्रमों, स्थानीय निकायों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व प्राधिकरणों पर समान रूप से लागू होगा।

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